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    February 06, 2026

    मौसम बदलते ही बढ़ा सर्दी-जुकाम का खतरा, विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

    फरवरी का महीना मौसम में बड़े बदलाव का संकेत देता है। दिन में हल्की गर्माहट और रात में ठंडक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए चुनौती बन जाती है। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव वायरस और बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है, जिससे सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण के मामले बढ़ने लगते हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान हवा में नमी कम होने और धूल कण बढ़ने से राइनोवायरस सक्रिय हो जाता है, जो सामान्य जुकाम का प्रमुख कारण है। दोपहर की गर्मी देखकर ठंडा पानी पीना या गर्म कपड़े न पहनना संक्रमण के खतरे को कई गुना बढ़ा सकता है। समय रहते सावधानी न बरती जाए तो साधारण जुकाम आगे चलकर फ्लू या वायरल बुखार का रूप भी ले सकता है।

    खान-पान में रखें सावधानी
    इस मौसम में शरीर को गर्म रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन जरूरी है। ठंडे पानी और ठंडी तासीर वाले फलों से परहेज करें। गुनगुना पानी, तुलसी-अदरक का काढ़ा, हरी सब्जियां और विटामिन-C से भरपूर संतरा व आंवला संक्रमण से बचाव में सहायक होते हैं।

    कपड़ों का सही चयन जरूरी
    दोपहर की धूप देखकर ऊनी कपड़े पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है। सुबह और शाम की ठंडी हवा जल्दी असर करती है। विशेषज्ञ ‘लेयरिंग’ तकनीक अपनाने की सलाह देते हैं, यानी हल्का स्वेटर या जैकेट पहनें जिसे जरूरत पड़ने पर उतारा जा सके। कान और छाती को ढककर रखना भी जुकाम से बचाव में मदद करता है।

    स्वच्छता और सक्रियता बनाए रखें
    संक्रमण से बचने के लिए हाथों की सफाई पर ध्यान दें, बाहर से आने के बाद हाथ जरूर धोएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग करें। नियमित हल्का व्यायाम, योग और पर्याप्त नींद शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाते हैं, जिससे मौसमी बीमारियों का खतरा कम होता है।

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