डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहब की मूर्तियों के साथ अक्सर शरारती तत्व छेड़छाड़ करते हैं। इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य में स्थापित प्रत्येक आंबेडकर प्रतिमा के आसपास सुरक्षात्मक बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी। जिन मूर्तियों के ऊपर छत नहीं है, वहां छत निर्माण भी कराया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कहीं कोई कार्य अधूरा रह गया है, तो उसे जल्द पूरा किया जाए।
सीएम योगी ने कहा कि वंचित वर्गों को जो सम्मान और सुविधाएँ मिल रही हैं, वे बाबा साहब की प्रेरणा का परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “नए भारत” की ओर बढ़ रहा है और पंचतीर्थ निर्माण, नई छात्रवृत्ति योजनाएं तथा सामाजिक न्याय से जुड़ी कई पहलें इसी दिशा में आगे बढ़ाई जा रही हैं।
चतुर्थ श्रेणी संविदा कर्मियों के न्यूनतम मानदेय पर बड़ा फैसला
सभा के दौरान डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल द्वारा चतुर्थ श्रेणी संविदा सफाई कर्मियों की समस्याओं का उल्लेख किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस विषय पर निर्णय ले लिया है। कॉरपोरेशन का गठन किया जा चुका है और एक-दो महीनों में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक संविदा और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिले। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया।
संविधान की उद्देशिका और मौलिक अधिकार पाठ्यक्रमों में शामिल हों—निर्मल
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने आग्रह किया कि सरकारी पाठ्यक्रमों में संविधान की उद्देशिका, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, नीति निर्देशक तत्व, संघीय ढांचा और न्यायपालिका की स्वतंत्रता जैसे विषयों को शामिल किया जाए।
सपा पर निशाना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सपा और उसके नेता शुरू से ही आरक्षण और डॉ. आंबेडकर के विरोधी रहे हैं। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार ने दलित कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण हटाया और दो लाख दलित कर्मियों को पदावनत कर अपमानित किया। उन्होंने कहा कि अब दलित वोटों के लिए आंबेडकर और आरक्षण की बात करना सपा की राजनीतिक अवसरवादिता है।
