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    June 02, 2026

    परमिशन विवाद के बीच ममता का धरना, TMC नेताओं ने बस स्टॉप को बनाया मंच

    चुनाव बाद हिंसा के विरोध में ममता का धरना, अनुमति नहीं मिलने पर बस स्टॉप को बनाया मंच

    पश्चिम बंगाल में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर कथित हमलों के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को धरने पर बैठीं। हालांकि, कोलकाता पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्हें अंतिम समय में धरना स्थल बदलना पड़ा। पहले यह प्रदर्शन रानी राशमोनी एवेन्यू पर होना था, लेकिन बाद में ममता और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता धर्मतला स्थित एक बस स्टॉप पर धरने पर बैठ गए।

    धरने में ममता बनर्जी के साथ टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी, डोला सेन और नेता कुणाल घोष भी मौजूद रहे। प्रदर्शन शुरू करने से पहले ममता बनर्जी ने रेड रोड पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके हाथ में संविधान से जुड़ी एक पुस्तक भी दिखाई दी।

    धरना स्थल पर ममता ने मेगाफोन के जरिए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें मंच बनाने और माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि वह लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगी।

    ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ विधायकों और सांसदों पर पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, पुलिस का इस्तेमाल कर जनप्रतिनिधियों को डराने-धमकाने और तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

    धरने के दौरान ममता ने कहा कि बिना पुनर्वास के फेरीवालों को हटाना उनकी सरकार की नीति नहीं रही है और उनकी सरकार हमेशा मानवीय दृष्टिकोण अपनाती रही है। उन्होंने भाजपा पर विधानसभा चुनावों में गड़बड़ी के भी आरोप लगाए।

    वहीं, टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने पुलिस अधिकारियों से संविधान और कानून के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी और बड़े विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी।

    इससे पहले ममता बनर्जी ने चेतावनी दी थी कि यदि उन्हें कोलकाता में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई, तो तृणमूल कांग्रेस अपना आंदोलन नई दिल्ली तक ले जाएगी।

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