मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोहिया संस्थान ने अपना ग्रामीण प्रशिक्षण केंद्र जुग्गौर में बनाया है। बेहतर है कि किसी दूरदराज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को संस्थान गोद ले या फिर किसी नए मेडिकल काॅलेज के साथ एमओयू कर उसका संचालन करे। डाॅ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के पांचवें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि यहां के डाॅक्टर सप्ताह या दो सप्ताह में गोद लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या नए मेडिकल कॉलेज में जाकर मरीज देखें। इसके बाद टेली कंसल्टेंसी के माध्यम से वहां नियमित रूप से जुड़ें। ऐसा होने पर राजधानी में मरीजों की भीड़ कम होगी और सुदूर क्षेत्र में काम करने का माहाैल विकसित होगा।
टीम वर्क से हुआ इंसेफलाइटिस का खात्मा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1977 से 2017 के बीच 40 साल के दाैरान पूर्वांचल में 50 हजार बच्चों की माैत इंसेफलाइटिस से हुई है। बरसात के माैसम में माताएं डरती थीं कि कहीं यह बीमारी उनके बच्चे की जान न ले ले। ऐसे में टीम बनाकर इस पर काम किया गया। वर्ष 2020 तक महज तीन साल में ही इस बीमारी का खात्मा हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जनपद में मेडिकल काॅलेज खोले जा रहे हैं। एमबीबीएस की सीटों में ढाई गुना, पीजी व सुपर स्पेशियलिटी की सीटों में तीन-तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। 72 जिलों में मुफ्त सीटी स्कैन और डायलिसिस की सुविधा सभी जिलों में मिलने लगी है।
निजी एंबुलेंस और पेशेवर रक्तदाताओं पर कसें नकेल
मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में निजी एंबुलेंस और दलालों के साथ ही पेशेवर रक्तदाताओं पर नकेल कसने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि सेवा पखवाड़ा के तहत रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित कर जरूरतमंदों की जान बचाई जा सकती है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, निजी एंबुलेंस के सहारे अवैध अस्पताल मरीजों को लूटते हैं। इसलिए उन पर लगाम जरूरी है।
प्रदेश के शीर्ष संस्थान हैं केजीएमयू, पीजीआई और लोहिया
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केजीएमयू, पीजीआई और लोहिया प्रदेश के तीन सर्वश्रेष्ठ संस्थान हैं। कोविड महामारी के समय प्रदेश के 36 जिलों में आईसीयू का एक भी बेड नहीं था। ऐसे में पीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान ने वर्चुअल आईसीयू मॉडल अपनाकर लोगों की जान बचाई। इन तीनों संस्थानों में लोहिया संस्थान सबसे नया है। इसकी शुरुआत 19 साल पहले हुई थी। पांच साल पहले इसका नया अधिनियम बना। इसीलिए इसका पांचवां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। 19 साल पहले 20 बेड से इसकी शुरुआत हुई थी। अब यहां 1,375 बेड हैं। संस्थान तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा को तकनीक से जोड़ने की जरूरत है। मेडिकल डिवाइस और फार्मा क्षेत्र में काफी अवसर हैं। इसके लिए संस्थानों को एमओयू करने चाहिए। गौतमबुद्धनगर मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है।
