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    September 14, 2025

    भाजपा संघ के साथ मिलकर बनाएगी पंचायत और 2027 चुनावों की योजना

    अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव और 2027 में होने वाले विधानसभा के अलावा विधानपरिषद की 11 सीटों पर होने होने वाले चुनाव की तैयारी में भाजपा का साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) परिवार भी देगा। दोनो मिलकर चुनाव की रणनीति तैयार करने के साथ ही विपक्ष के खिलाफ सियासी हमले जवाब भी देंगे। हालांकि सामने भाजपा ही दिखेगी। इस संबंध में रणनीति बनाने के लिए भाजपा और संघ के प्रतिनिधियों की समन्वय बैठक रविवार को राजधानी के निराला नगर स्थित संघ कार्यालय में होने होगी। जिसमें दोनों चुनावों में साथ काम करने की रणनीति तैयार की जाएगी।

    बता दें कि अभी हाल में ही जोधपुर में संघ की तीन दिवसीय राष्ट्रीय समन्वय बैठक हुई थी। इसमें संघ और भाजपा के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर चर्चा हुई थी। इसी कड़ी में यूपी में भी इसी मुद्दे पर रविवार को बैठक होगी। हाल ही में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के एक निजी विश्वविद्यालय को लेकर हुए विवाद से भी संघ और भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है। पार्टी की सरकार होने के बाद भी भाजपा के युवा संगठन के कार्यकर्ताओं पर पुलिस की बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज को लेकर संघ ने नाराजगी जताई थी।

    रविवार को होने वाली बैठक में फ्रंटल संगठन के युवाओं की नाराजगी को कम करने को लेकर भी चर्चा हो सकती है। संघ की रविवार को होने वाली समन्वय बैठक में ऐसे तमाम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में संघ के साथ करीब 32 आनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के अलावा सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष भी बुलाए गए हैं।

    दरअसल लोकसभा में संघ की उपेक्षा करना भाजपा को भारी पड़ा था, इसलिए भाजपा एक बार फिर से संघ से मदद लेकर आगे के सियासी दांव चलने की तैयारी कर रही है। वहीं संघ को भी लगने लगा है कि अगर भाजपा कमजोर होगी तो इसका असर संघ के क्रियाकलापों पर भी पड़ सकता है। इसके मद्देनजर दोनों संगठनों ने मिलकर फिर से समन्वय की डोर को मजबूत करने में जुटने का फैसला किया है।

    दरअसल भाजपा के सामने इस समय की सबसे बड़ी चुनौती पंचायत चुनाव और एमएलसी के चुनाव में बढ़त हासिल करने की है। इसके साथ ही पार्टी के लिए सपा के पीडीए फार्मूला को ध्वस्त करना भी एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

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