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    September 30, 2025

    आईसीजी कॉन्फ्रेंस में बोले राजनाथ सिंह, सेना को तैयार रहने की आवश्यकता पर जोर

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 42वें आईसीजी कमांडरों के सम्मेलन में कहा कि आज के युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। अब यह महीनों में नहीं, बल्कि घंटों और सेकंडों में तय होता है। उपग्रह, ड्रोन और आधुनिक सेंसरों ने युद्ध की प्रकृति को पूरी तरह बदल दिया है।

    सिंह ने बताया कि साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध अब सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि वास्तविक खतरा हैं। दुश्मन देश मिसाइल से नहीं, बल्कि साइबर हमलों, हैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से सिस्टम को पंगु बना सकते हैं। इसके लिए आईसीजी को आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ड्रोन और ऑटोमेटेड रिस्पॉन्स सिस्टम अपनाने होंगे।

    रक्षा मंत्री ने कहा कि 7,500 किलोमीटर लंबा तटीय इलाका और अंडमान-निकोबार व लक्षद्वीप जैसे द्वीप सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पेश करते हैं। आईसीजी को प्रशिक्षित कर्मियों और स्वचालित निगरानी नेटवर्क की जरूरत है ताकि प्रतिक्रिया समय सेकंडों में तय हो सके।

    आईसीजी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि बल अब तक 1,638 विदेशी जहाज और 13,775 विदेशी मछुआरों को पकड़ चुका है। 6,430 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए और 14,500 से अधिक लोगों की जान बचाई गई है।

    सिंह ने जीएसटी पर भी चर्चा की और कहा कि केंद्र और राज्य के सहयोग से ही बड़ी नीतिगत चुनौतियां हल की जा सकती हैं।

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