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    May 18, 2026

    स्वास्थ्य खराब होने पर प्रेमानंदजी ने रोकी पदयात्रा, भक्तों से लौटने की अपील

    Premanand Maharaj की तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी रात्रि पदयात्रा और एकांतिक दर्शन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए गए हैं। रविवार रात हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए पहुंचे थे, लेकिन महाराजजी हर दिन की तरह तड़के 3 बजे पदयात्रा पर नहीं निकले। उनकी जगह आश्रम के शिष्य पहुंचे और लाउडस्पीकर से श्रद्धालुओं को जानकारी दी।

    शिष्यों ने बताया कि महाराजजी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए फिलहाल पदयात्रा और दर्शन दोनों बंद रहेंगे। इसके बाद बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों को बिना दर्शन किए मायूस होकर लौटना पड़ा। केली कुंज आश्रम के अनुसार, Premanand Maharaj पिछले 21 वर्षों से किडनी संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं।

    बाराबंकी से आए श्रद्धालु राजू गुप्ता ने कहा कि वे राधा रानी से महाराजजी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं कई श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें दर्शन नहीं होने का दुख है, लेकिन वे महाराजजी के स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं।

    Premanand Maharaj हर रोज वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम से तड़के 3 बजे करीब डेढ़ किलोमीटर की पदयात्रा कर सौभरी वन जाते हैं। उनके दर्शन के लिए रोज हजारों भक्त पहुंचते हैं, जबकि वीकेंड और विशेष पर्वों पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है।

    प्रेमानंद महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुआ था। बचपन में उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। 13 साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया और बाद में संन्यास लेकर आध्यात्मिक जीवन अपना लिया। बाद में वृंदावन आकर वे राधावल्लभ संप्रदाय से जुड़ गए और देशभर में प्रसिद्ध संत के रूप में पहचान बनाई।

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