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    February 03, 2026

    युवाओं के लिए बड़ा खतरा बनता कैंसर, दिल्ली की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े

    कैंसर वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर और जानलेवा खतरा बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक, कैंसर दुनियाभर में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल है। साल 2020 में करीब 1 करोड़ (10 मिलियन) लोगों की मौत कैंसर के कारण हुई थी, यानी हर छह मौतों में से एक मौत की वजह कैंसर रहा। ब्रेस्ट, फेफड़े, कोलन, रेक्टम और प्रोस्टेट कैंसर सबसे अधिक जानलेवा साबित हो रहे हैं।

    कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम, पहचान व इलाज को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर साल 4 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर डे मनाया जाता है। इसी बीच दिल्ली सरकार की एक ताजा रिपोर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है।

    44 साल से कम उम्र के लोगों में बढ़ी कैंसर से मौतें

    दिल्ली सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में राजधानी में कैंसर से होने वाली हर तीन में से एक मौत 44 साल से कम उम्र के लोगों में हुई है। यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि कैंसर अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई, बल्कि कम उम्र के लोगों के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

    रिपोर्ट बताती है कि पिछले दो दशकों में दिल्ली में कैंसर से 1.1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

    • 2005 में जहां कैंसर से करीब 2,000 मौतें दर्ज हुई थीं,
    • वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 7,400 हो गई।
    • 2011 में कैंसर से लगभग 10,000 मौतें हुई थीं, जिनमें 45–64 आयु वर्ग के लोगों की हिस्सेदारी 41% से अधिक रही।

    सालाना 7% की दर से बढ़ रही मौतें

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दिल्ली में कैंसर से होने वाली मौतें सालाना औसतन 7% की दर से बढ़ रही हैं, जो राजधानी की जनसंख्या वृद्धि से करीब तीन गुना अधिक है। कैंसर से होने वाली 90% से ज्यादा मौतें अस्पतालों में दर्ज की गई हैं, जबकि 2018 में यह आंकड़ा लगभग 98% तक पहुंच गया था।

    क्या हैं इसके बड़े कारण?

    विशेषज्ञों के मुताबिक, कम उम्र में कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे कई वजहें जिम्मेदार हैं, जिनमें—

    • बीमारी का देर से पता चलना
    • समय पर स्क्रीनिंग की कमी
    • तंबाकू और शराब का बढ़ता सेवन
    • प्रदूषण
    • तनावपूर्ण जीवनशैली

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