जरूरत की खबर: AC में ब्लास्ट क्यों होता है? जानिए कारण, बचाव और जरूरी सेफ्टी टिप्स
नई दिल्ली। गर्मी बढ़ने के साथ एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल भी बढ़ जाता है। लेकिन हाल के दिनों में AC ब्लास्ट और आग लगने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में दिल्ली के हौज खास इलाके में पूर्व IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार के घर में AC ब्लास्ट के बाद भीषण आग लग गई, जिसमें उनकी मौत हो गई। इससे पहले विवेक विहार में AC में आग लगने से 9 लोगों की जान चली गई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार AC में ब्लास्ट अचानक नहीं होता, बल्कि यह कई छोटी-छोटी लापरवाहियों का नतीजा होता है। समय पर मेंटेनेंस नहीं कराने, खराब वायरिंग, ओवरलोडिंग और ओवरहीटिंग जैसी समस्याएं हादसों का कारण बन सकती हैं।
क्यों होता है AC ब्लास्ट?
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर अभिषेक मिश्रा के मुताबिक, जब AC के पार्ट्स पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है या वे सही तरीके से काम नहीं करते, तो ओवरहीटिंग और शॉर्ट सर्किट की स्थिति बन जाती है। यही आगे चलकर आग या ब्लास्ट का कारण बन सकती है।
गर्मी में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
- लगातार कम तापमान (16-18°C) पर AC चलाने से कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
- बाहरी तापमान ज्यादा होने से मोटर और कंप्रेसर ओवरहीट हो सकते हैं।
- रेफ्रिजरेंट गैस का दबाव बढ़ने से सिस्टम पर असर पड़ता है।
- लंबे समय तक बिना रुके AC चलाने से पार्ट्स को ठंडा होने का मौका नहीं मिलता।
- आउटडोर यूनिट के आसपास वेंटिलेशन नहीं होने से गर्मी बाहर नहीं निकल पाती।
- वोल्टेज फ्लक्चुएशन से शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग का खतरा बढ़ जाता है।
ये 9 गलतियां पड़ सकती हैं भारी
- AC को लगातार बिना ब्रेक के चलाना।
- बहुत कम तापमान पर सेट करना।
- दरवाजे और खिड़कियां खुली रखना।
- बार-बार AC ऑन-ऑफ करना।
- समय पर सर्विसिंग नहीं कराना।
- अनट्रेंड या लोकल टेक्नीशियन से मरम्मत कराना।
- सस्ती या खराब वायरिंग का इस्तेमाल करना।
- आउटडोर यूनिट को बंद जगह पर लगाना।
- गैस लीक, बदबू या असामान्य आवाजों को नजरअंदाज करना।
वायरिंग और इंस्टॉलेशन में रखें खास ध्यान
विशेषज्ञों का कहना है कि AC के लिए अलग हैवी-ड्यूटी लाइन, मजबूत अर्थिंग और उचित क्षमता वाला स्टेबलाइजर जरूरी है। साथ ही MCB और ELCB/RCCB जैसे सेफ्टी डिवाइस भी लगवाने चाहिए। खराब वायरिंग और ढीले कनेक्शन दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकते हैं।
अगर ये संकेत दिखें तो तुरंत सावधान हो जाएं
- AC से जलने जैसी बदबू आना।
- स्पार्किंग दिखाई देना।
- असामान्य आवाजें आना।
- बार-बार ट्रिप होना।
- कूलिंग अचानक कम हो जाना।
ऐसी स्थिति में तुरंत AC बंद करें और अधिकृत तकनीशियन से जांच कराएं।
सुरक्षित इस्तेमाल के लिए अपनाएं ये उपाय
- हर 6 महीने में सर्विसिंग कराएं।
- तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें।
- ब्रांडेड और ISI मार्क वाले AC का इस्तेमाल करें।
- आउटडोर यूनिट को खुली और हवादार जगह पर लगाएं।
- लंबे समय तक उपयोग के दौरान बीच-बीच में ब्रेक दें।
- वोल्टेज फ्लक्चुएशन वाले क्षेत्रों में स्टेबलाइजर जरूर लगाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सही इंस्टॉलेशन, नियमित मेंटेनेंस और थोड़ी-सी सावधानी से AC ब्लास्ट जैसी घटनाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
