आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना या थोड़ी दूर चलने पर थकान महसूस होना एक आम बात हो गई है, जिसे ज्यादातर लोग अनदेखा कर देते हैं। वे इसे अपनी शारीरिक फिटनेस की कमी या बढ़ती उम्र का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। थोड़े मेहनत पर ही सांस फूलना सिर्फ एक लक्षण नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि आपके फेफड़े या हृदय ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
यह स्थिति शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण होती है, जिससे अंगों को उनके कार्य करने के लिए आवश्यक ऊर्जा नहीं मिल पाती। अगर इसे समय पर पहचाना न जाए तो यह जानलेवा बीमारियों का रूप ले सकती है। आइए इस लेख में जानते हैं कि अगर किसी को ऐसे लक्षण दिख रहे है तो ये किन बीमारियों का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
एनीमिया
एनीमिया शरीर में खून की कमी के कारण होता है। ऐसी स्थिति में शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं कम हो जाती हैं, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाती हैं। जब इनकी कमी होती है तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे थोड़ी सी भी शारीरिक गतिविधि करने पर सांस फूलने लगती है। आयरन, विटामिन बी12 और फोलेट की कमी एनीमिया का मुख्य कारण है।
हृदय रोग
हृदय का काम शरीर में रक्त को पंप करना है। जब हृदय कमजोर हो जाता है, तो वह ठीक से रक्त पंप नहीं कर पाता। इससे फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना, सीने में दर्द और पैरों में सूजन हृदय रोग के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
अस्थमा
अस्थमा फेफड़ों से जुड़ी एक पुरानी बीमारी है, जिसमें वायुमार्ग में सूजन आ जाती है और वे संकरे हो जाते हैं। इससे सांस लेने में कठिनाई होती है, खासकर शारीरिक गतिविधि के दौरान। अस्थमा के मरीज अक्सर सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलने, घरघराहट और खांसी की शिकायत करते हैं।
क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज
यह फेफड़ों की बीमारियों का एक समूह है, जिसमें क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और वातस्फीति शामिल हैं। ये बीमारियां फेफड़ों के वायुमार्ग को बाधित करती हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। सीओपीडी अक्सर धूम्रपान करने वालों या प्रदूषित वातावरण में रहने वाले लोगों में होती है। सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना, लगातार खांसी और बलगम इसका मुख्य लक्षण है।
