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    November 14, 2025

    रिसर्च रिपोर्ट में खुलासा: डायबिटीज़ के दो साइलेंट साइड-इफेक्ट्स बढ़ा रहे जटिलताओं का जोखिम

    दुनियाभर में हाल के वर्षों में जिन बीमारियों के मामले सबसे तेजी से बढ़े हैं, उनमें कैंसर, हृदय रोग और डायबिटीज प्रमुख हैं। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचाता है। आमतौर पर डायबिटीज रोगियों में हृदय, आंख और नसों से संबंधित समस्याओं के बारे में चर्चा होती है, लेकिन इसके कुछ कम जाने-माने साइड-इफेक्ट्स भी हैं, जिनकी जानकारी बेहद कम लोगों को होती है।

    डायबिटीज के खतरों और उससे बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है। इसी कड़ी में विशेषज्ञ उन जटिलताओं पर भी बात करते हैं, जो लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकती हैं।

    डायबिटीज और कैंसर का बढ़ता संबंध

    अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. विभोर गुप्ता बताते हैं कि जिन लोगों का ब्लड शुगर लंबे समय तक अनियंत्रित रहता है, उनके संपूर्ण स्वास्थ्य पर इसका गंभीर प्रभाव देखा जाता है।
    अध्ययनों से पता चलता है कि हाई ब्लड शुगर वाले लोगों में कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम काफी बढ़ जाता है।

    डॉक्टरों के मुताबिक:

    • शरीर में लंबे समय तक इंसुलिन का स्तर बढ़ा रहने से कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि बढ़ती है।
    • हाई शुगर कैंसर कोशिकाओं के लिए ईंधन की तरह काम करती है, जिससे ट्यूमर बनने की संभावना बढ़ जाती है।
    • डायबिटीज रोगियों में इंफ्लेमेशन और मोटापा ज्यादा पाया जाता है, जो कैंसर का खतरा और बढ़ा देता है।

    डायबिटीज रोगियों में बढ़ रही प्रजनन संबंधी समस्याएं

    कई अध्ययनों में डायबिटीज और प्रजनन क्षमता के बीच भी गहरा संबंध सामने आया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मधुमेह पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रजनन विकारों का कारण बन सकता है।

    कारणों में शामिल हैं:

    • डायबिटीज के चलते हार्मोनल असंतुलन होना।
    • ब्लड शुगर लंबे समय तक हाई रहने से रक्त वाहिकाओं और नसों को नुकसान पहुंचना।
    • महिलाओं में मासिक धर्म चक्र का अनियमित होना और गर्भपात का जोखिम बढ़ जाना।

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