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    September 23, 2025

    ऑफिस में गलत तरीके से बैठना पड़ सकता है भारी, सेहत पर जानलेवा असर का खतरा

    लाइफस्टाइल की गड़बड़ी ने सभी उम्र के लोगों में कई प्रकार की बीमारियों को बढ़ा दिया है। हम जाने-अनजाने रोज कुछ न कुछ ऐसी चीजें करते रहते हैं जो सेहत के लिए गंभीर समस्याएं बढ़ाने वाली हो सकती हैं। लंबे समय तक बैठे रहने की आदत को बहुत खतरनाक माना जाता है। ऑफिस में कंप्यूटर पर काम करते समय, घर पर टीवी देखते हुए या मोबाइल स्क्रॉल करते हुए, हम घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं। यह आदत धीरे-धीरे हमारी सेहत को भीतर से खोखला कर रही है।

    डॉक्टर कहते हैं, दिन का लंबा समय बैठे-बैठे बिता देना तो नुकसानदायक है ही, पर इससे भी खतरनाक है पैरों को क्रॉस करके बैठना। बहुत से लोग इसे बैठने का सामान्य और आरामदायक पोजिशन मानते हैं, लेकिन शोध बताते हैं कि यह आदत आपको कई गंभीर रोगों का शिकार बना सकती है।

    मेडिकल एक्सपर्ट्स कहते हैं, पैरों को क्रॉस करके बैठने से न सिर्फ शरीर का पोश्चर बिगड़ता है, बल्कि इससे ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियों और ब्लड क्लॉटिंग का भी खतरा हो सकता है।

    पैरों को क्रॉस करके बैठना नुकसानदायक

    एक हालिया अध्ययन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि अगर आप दिन का एक बड़ा हिस्सा अपनी डेस्क पर बैठे-बैठ बिताते हैं, विशेषतौर पर पैरों को क्रॉस करके बैठते है तो इससे आपमें ब्लड क्लॉटिंग का जोखिम हो सकता है। आमतौर पर इस तरीके से बैठने से शरीर के निचले अंगों में रक्त प्रवाह बाधित हो सकती है, जिससे 'ई-थ्रोम्बोसिस' नामक समस्या हो सकती है।

    'ई-थ्रोम्बोसिस' शब्द, कंप्यूटर से संबंधित घातक रक्त के थक्कों के लिए प्रयोग में लाया जाता है, जैसे काम के दौरान अपनी डेस्क पर बैठे रहने, गेमिंग कुर्सी पर घंटों बिताने के कारण होने वाली समस्या।

    रक्त संचार की हो सकती है समस्या

    जब आप पैरों को क्रॉस करके बैठते हैं, तो इससे एक प्रकार का प्रेशर प्वाइंट बनता है जो रक्त संचार को काफी हद तक बाधित कर सकता है। समय के साथ ये स्थिति आपके पैरों की नसों को संकुचित कर देती है, जिससे रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है और थक्के बनने की आशंका बढ़ जाती है।

    डॉक्टरों ने कहा कई लोग अपनी स्थिति बदले बिना दिन में आठ या उससे ज्यादा घंटे बैठे रहते हैं, जिससे अनजाने में ही खुद को जोखिम में डाल लेते हैं।

    डीप वेन थ्रोम्बोसिस का खतरा

    जब हम लंबे समय तक पैरों को क्रॉस करके बैठते हैं, तो पैरों की नसों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। इससे खून का बहाव बाधित हो सकता है। नतीजतन पैरों में सूजन, झनझनाहट और सुन्नपन महसूस होने लगता है।

    अध्ययनों में पाया गया है कि बार-बार ऐसा करने से डीप वेन थ्रोम्बोसिस का खतरा बढ़ जाता है। यह वह स्थिति है जिसमें पैरों की गहरी नसों में खून के थक्के (क्लॉट) बनने लगते हैं। अगर यह क्लॉट फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो जानलेवा पल्मोनरी एम्बोलिज्म भी हो सकता है। इसलिए, शरीर में खून का फ्लो बनाए रखने के लिए क्रॉस-लेग बैठने से बचना बेहद जरूरी है।

    इन समस्याओं को भी जानिए

    इतना ही नहीं कई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि पैरों को क्रॉस करके बैठने से ब्लड प्रेशर का भी जोखिम हो सकता है। इस पोश्चर के कारण नसों पर दबाव बढ़ता है और खून का संचार ऊपर की ओर जाता है, जिससे हृदय पर अतिरिक्त भार पड़ता है। लंबे समय तक यही आदत हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती है।

    इसके अलावा जब हम लगातार पैरों को क्रॉस करके बैठते हैं, तो शरीर का भार संतुलित नहीं रहता। इससे रीढ़ की हड्डी और कमर पर असमान दबाव पड़ता है। धीरे-धीरे पीठ दर्द, कमर दर्द और स्पाइन में विकृति की समस्या बढ़ जाती है। रिसर्च बताती है कि गलत तरीके से बैठने की आदत से स्कोलियोसिस (रीढ़ का टेढ़ा होन) का भी जोखिम बढ़ जाता है।

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