साल 2019 के अंत में शुरू हुई कोरोना महामारी का असर स्वास्थ्य पर लंबे समय तक देखा गया। भले ही अब हालात सामान्य हैं और लोग बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन कोरोना का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण से ठीक होने के बाद भी कई लोगों को लंबे समय तक इसके लक्षणों का सामना करना पड़ता है। इसे लॉन्ग कोविड कहते हैं। शोध बताते हैं कि यह असर संक्रमण के ठीक होने के कुछ महीनों से लेकर एक साल या उससे अधिक समय तक रह सकता है।
लॉन्ग कोविड और महिलाओं की मासिक धर्म संबंधी समस्या
हाल ही में प्रकाशित अध्ययन में पता चला है कि लॉन्ग कोविड महिलाओं के मासिक धर्म पर गंभीर असर डाल सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के अध्ययन के अनुसार, लॉन्ग कोविड से पीड़ित महिलाओं में भारी रक्तस्राव, लंबे पीरियड्स (आठ दिन से अधिक) और बीच-बीच में खून आने जैसी समस्याएं आम पाई गई हैं।
अध्ययन में 1,20,000 से अधिक महिलाओं का डेटा शामिल किया गया, जिसमें मोबाइल ऐप पर दर्ज अनुभव और जैविक परीक्षण भी शामिल थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि लॉन्ग कोविड वाली महिलाओं में मासिक धर्म की शिकायतें सामान्य की तुलना में काफी गंभीर हैं। कुछ मामलों में पीरियड्स मिस होना या पूरी तरह रुक जाना भी देखा गया।
क्या कारण हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या हार्मोनल कमी के कारण नहीं, बल्कि एंड्रोजन हार्मोनल बदलाव और गर्भाशय की परत में सूजन से जुड़ी है। खून में ट्यूमर नेक्रोसिस फैक्टर का स्तर बढ़ा पाया गया और एंडोमेट्रियम में इम्यून कोशिकाओं के समूह मिले, जो असामान्य रक्तस्राव का कारण बन सकते हैं।
भारत जैसे देशों में, जहां महिलाओं की प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित है, यह निष्कर्ष और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लॉन्ग कोविड की स्क्रीनिंग और उपचार में मासिक धर्म संबंधी समस्याओं को भी शामिल करना जरूरी है।
लॉन्ग कोविड के सामान्य लक्षण
लॉन्ग कोविड के सबसे आम लक्षणों में शामिल हैं:
- थकान
- सांस लेने में कठिनाई
- दिमागी धुंधलापन और याददाश्त की समस्या
- नींद में गड़बड़ी
- सीने में दर्द
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हर 100 कोविड रोगियों में से लगभग 6 में संक्रमण के ठीक होने के बाद भी लॉन्ग कोविड की स्थिति विकसित होती है।
