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    September 18, 2025

    महिलाओं के शरीर में बदलाव के तीन चरण, डॉक्टर से जानें हर स्टेज पर वेट लॉस के राज़

    आज के समय में हमारे देश में बहुत से लोग मोटापे की समस्या से परेशान हैं, अगर आंकड़ों की मानें तो पुरुषों से ज्यादा महिलाएं इससे ग्रसित हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, महिलाओं में वेट लॉस की प्रक्रिया कुछ विशेष चरणों से होकर गुजरती है, जिसका सीधा प्रभाव उनके शारीरिक बनावट पर पड़ता है। यह सिर्फ कैलोरी गिनने या जिम में पसीना बहाने की बात नहीं है, बल्कि एक पूरी प्रक्रिया है जो शरीर के आकार को धीरे-धीरे बदलती है।

    हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. मल्हार गणला ने इस जटिल प्रक्रिया को सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से बहुत ही सरल तरीके से समझाया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं में वजन कम होने के तीन मुख्य चरण होते हैं, और हर चरण में शरीर के अलग-अलग हिस्से में बदलाव नजर आता है। यह जानकारी उन सभी महिलाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक है जो वजन घटाने की कोशिश कर रही हैं। यह प्रक्रिया केवल डाइट और एक्सरसाइज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें तनाव प्रबंधन और समग्र जीवनशैली में सुधार जरूरी है। आइए इस लेख में उन तीन चरणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

    पहला चरण- इंसुलिन सप्रेशन

    डॉ. गणला के अनुसार, वजन घटाने का पहला चरण इंसुलिन सप्रेशन से जुड़ा है। यह वह समय होता है जब आप अपनी डाइट में बदलाव करना शुरू करते हैं। जब आप शुगर, तेल और नमक जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन कम कर देते हैं, तो शरीर में एनर्जी डेंसिटी कम हो जाती है।

    इसका पहला असर आपके शरीर के ऊपरी हिस्से पर दिखाई देता है। गर्दन और चेहरे के कुछ हिस्से में सिकुड़न शुरू हो जाती है। इस चरण में आपकी कॉलर बोन स्पष्ट रूप से दिखने लगती हैं, जो बदलाव का एक शुरुआती संकेत है।

     

    दूसरा चरण- इंफ्लेमेशन में कमी

    दूसरा चरण शरीर के बीच के हिस्से, यानी पेट और पीठ पर केंद्रित होता है। इस चरण में वास्तव में सिकुड़न दिखाई देती है। डॉ. गणला ने जोर देकर कहा कि यह बदलाव केवल डाइट या एक्सरसाइज से नहीं होता, बल्कि इसका सीधा संबंध शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर से है।

    जब आप अपने तनाव के स्तर को कम करते हैं, खुद पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जल्दी सोते हैं, जल्दी उठते हैं, और हल्का योग या ध्यान करते हैं, तो शरीर में सूजन कम होती है। इस बदलाव से पेट कम होने लगता है, पीठ पर सिकुड़न दिखाई देती है, और आपके कपड़े ढीले होने लगते हैं।

    तीसरा चरण- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग

    वजन घटाने का तीसरा और अंतिम चरण जांघों, निचली टांगों और बाहों में होता है। यह चरण तब शुरू होता है जब आप अपनी दिनचर्या में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को शामिल करते हैं। इस दौरान शरीर में प्रोटीन संश्लेषण की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिसे डॉ. गणला 'लाइपोप्रोटीन लाइपेज और टेस्टोस्टेरोन फेज' कहते हैं।

    इस अवस्था में आपके खाने से मिलने वाली ऊर्जा, जो पहले वसा में बदल जाती थी, वह अब मांसपेशियों में परिवर्तित होने लगती है। यही वह चरण है जब शरीर एक बेहतर और आकर्षक आकार में आने लगता है।

    डॉ. गणला का यह विश्लेषण स्पष्ट करता है कि वजन घटाना सिर्फ वजन कम करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के आकार को बदलने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। यह दर्शाता है कि संतुलित आहार, तनाव प्रबंधन और सही प्रकार की एक्सरसाइज-खासतौर पर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग-का कॉम्बिनेशन ही स्थायी और स्वस्थ वजन घटाने की कुंजी है।

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