• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    December 28, 2025

    लाखों लोग अनजान, शरीर में चुपचाप पनप रही हार्ट डिजीज का ब्लड टेस्ट से होगा खुलासा

    दुनियाभर में हर साल सबसे ज्यादा मौतों की वजह बनने वाली बीमारियों में हृदय रोग आज भी शीर्ष पर है। चिंता की बात यह है कि बीते कुछ वर्षों में 30 साल से कम उम्र के लोगों में भी दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं। खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खान-पान के साथ-साथ आनुवांशिक (जेनेटिक) कारण भी हार्ट डिजीज के खतरे को कई गुना बढ़ा देते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

    ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना किसी लक्षण के पनप रही दिल की बीमारी का समय रहते पता कैसे लगाया जाए?
    अब वैज्ञानिकों को इसका अहम जवाब मिल गया है।

    बिना लक्षण के बढ़ रही है ये दिल की बीमारी

    शोधकर्ताओं ने एक ऐसे ब्लड टेस्ट की पहचान की है, जिससे हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी (HCM) जैसी गंभीर दिल की बीमारी का खतरा पहले ही पता लगाया जा सकता है। यह बीमारी दुनियाभर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है और कई मामलों में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के आगे बढ़ती रहती है।

    हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी दिल की मांसपेशियों से जुड़ी बीमारी है, जिसमें दिल की दीवारें मोटी हो जाती हैं। यह समस्या ज्यादातर जेनेटिक कारणों से होती है।

    क्यों है यह बीमारी खतरनाक?

    इस बीमारी से पीड़ित लोगों में

    • सांस फूलना
    • सीने में दर्द
    • चक्कर आना
    • बेहोशी

    जैसी समस्याएं देखी जाती हैं। गंभीर मामलों में यह सडन कार्डियक डेथ का कारण भी बन सकती है। अब तक इसकी पहचान के लिए इकोकार्डियोग्राम, ईसीजी और जेनेटिक टेस्टिंग की जरूरत पड़ती थी।

    इस ब्लड टेस्ट से चलेगा जोखिम

    वैज्ञानिकों ने बताया कि NT-Pro-BNP नामक एक खास प्रोटीन को मापने वाला ब्लड टेस्ट इस बीमारी के खतरे को पहचानने में कारगर हो सकता है। यह प्रोटीन तब ज्यादा मात्रा में निकलता है, जब दिल सामान्य से ज्यादा मेहनत कर रहा होता है।

    अध्ययन में करीब 700 मरीजों के खून की जांच की गई। जिन लोगों में NT-Pro-BNP का स्तर ज्यादा था, उनमें

    • दिल में स्कार टिश्यू
    • ब्लड फ्लो की समस्या
    • एट्रियल फाइब्रिलेशन और हार्ट फेलियर का खतरा

    काफी अधिक पाया गया।

    विशेषज्ञों की राय

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस ब्लड टेस्ट की मदद से उन मरीजों की पहचान की जा सकेगी, जिन्हें सबसे ज्यादा जानलेवा जोखिम है। इससे समय रहते निगरानी और सही इलाज संभव होगा और कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।

    क्यों है यह खोज अहम?

    यह ब्लड टेस्ट दुनिया की सबसे आम आनुवांशिक दिल की बीमारी से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। बिना लक्षण के बढ़ रही इस बीमारी को समय रहते पकड़कर हार्ट अटैक और सडन डेथ जैसे खतरों को कम किया जा सकता है।

    Tags :
    Share :

    Top Stories