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    November 17, 2025

    इन गलत आदतों से बढ़ता है गालब्लैडर स्टोन का खतरा, समय रहते बदलें लाइफस्टाइल

    गॉल ब्लैडर स्टोन अक्सर बिना दर्द के बने रहते हैं, लेकिन जब पथरी पित्त नलिकाओं में फंस जाती है, तो पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज दर्द, मतली और उल्टी जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। समय रहते इन कारणों को पहचानकर जीवनशैली में सुधार कर इस समस्या से बचा जा सकता है, अन्यथा आगे चलकर सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

    नीचे जानिए वे आम गलतियां जो गॉल ब्लैडर स्टोन का जोखिम बढ़ा सकती हैं—

    1. अधिक फैट वाला आहार

    अत्यधिक फैट, खासकर अनहेल्दी सेचुरेटेड फैट, पित्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा देता है। फैट को पचाने के लिए अधिक पित्त की जरूरत होती है, जिससे पित्त गाढ़ा होकर स्टोन बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है। कम फाइबर और ज्यादा फैट वाला खानपान इसका प्रमुख कारण माना जाता है।

    2. तेजी से वजन घटाना या लंबा उपवास

    कड़े डाइट प्लान, लंबे समय तक उपवास या क्रैश डाइटिंग की वजह से वजन तेजी से कम होता है। इस दौरान लिवर पित्त में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल छोड़ता है और पित्ताशय ठीक से खाली नहीं हो पाता। यही वजह है कि तेजी से वजन घटाने पर गॉल ब्लैडर स्टोन का खतरा बढ़ जाता है।

    3. कुछ दवाएं और हार्मोनल बदलाव

    एस्ट्रोजन युक्त हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी, कुछ गर्भनिरोधक गोलियां या हार्मोन असंतुलन पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ा सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव भी इस समस्या का जोखिम बढ़ाते हैं। इसलिए किसी भी दवा का सेवन विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।

    4. शारीरिक गतिविधि की कमी

    सेडेंटरी लाइफस्टाइल यानी कम शारीरिक गतिविधि भी गॉल ब्लैडर स्टोन के जोखिम को बढ़ाती है। मोटापा पित्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का बड़ा कारण है, और लंबे समय तक बैठे रहने से पित्ताशय पर्याप्त रूप से खाली नहीं हो पाता, जिसके कारण पित्त गाढ़ा होकर स्टोन बनने लगता है।

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