डायबिटीज (मधुमेह) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसके मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भारतीय आबादी में मधुमेह के बढ़ते जोखिमों को देखते हुए भारत को 'डायबिटीज कैपिटल' कहा जाने लगा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चे भी मधुमेह का शिकार हो रहे हैं जोकि गंभीर चिंताजनक स्थिति है। इसके खतरे को देखते हुए सभी लोगों को कम उम्र से ही डायबिटीज से बचे रहने के उपाय शुरू कर देने चाहिए।
डायबिटीज पर अगर ध्यान न दिया जाए तो ये धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला करने लगती है। दवा, एक्सरसाइज और डाइट कंट्रोल इसके प्रबंधन के तीन सबसे बड़े हथियार माने जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में मौजूद कुछ सीड्स इतने असरदार होते हैं कि ये “शुगर कंट्रोल” करने में आपकी काफी मदद कर सकते हैं।
मेथी के बीज बहुत फायदेमंद
मेथी के बीज सदियों से डायबिटीज के लिए आयुर्वेदिक औषधि की तरह इस्तेमाल किए जाते रहे हैं। इनमें घुलनशील फाइबर, गैलैक्टोमैनन और अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में फायदेमंद हैं।
मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नियमित रूप से मेथी के बीज का सेवन टाइप-2 डायबिटीज के रोगियों में फास्टिंग शुगर और HbA1c लेवल को कम करता है। मेथी के बीज शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता भी बढ़ाते हैं। इन्हें रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाने से ब्लड शुगर को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलती है।
अलसी के बीज डायबिटीज-हार्ट दोनों में फायदे
अलसी के बीज भी डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत लाभकारी माने जाते हैं। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, लिग्नैन और फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। अध्ययनों से पता चला है कि अलसी का सेवन ब्लड शुगर लेवल को धीरे-धीरे बढ़ने देता है, जिससे अचानक शुगर स्पाइक से बचाव होता है।
इसके अलावा अलसी में मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन को धीमा करता है और कार्बोहाइड्रेट के ग्लूकोज में बदलने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है।
जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड टेक्नॉलजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, अलसी का पाउडर टाइप-2 डायबिटीज रोगियों में ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल दोनों को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, अलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में सूजन को कम करते हैं, जिससे इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ती है।
चिया सीड्स को आहार का बनाएं हिस्सा
शुगर लेवल को कंट्रोल रखने के लिए आप आहार में चिया सीड्स को भी शामिल कर सकते हैं। इनमें घुलनशील फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। चिया सीड्स पानी में फूलकर जेल जैसी परत बना लेते हैं। यह जैल भोजन के पचने की गति को धीमा कर देता है, जिससे शुगर धीरे-धीरे खून में घुलती है और ब्लड शुगर स्थिर रहता है।
न्यूट्रिशियन रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार चिया सीड्स का नियमित सेवन टाइप-2 डायबिटीज रोगियों में इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधार सकता है। इसके अलावा, ये वजन घटाने में मदद करते हैं। मोटापा डायबिटीज की सबसे बड़ी समस्या है।
कद्दू के बीज भी फायदेमंद
शुगर के मरीजों के लिए कद्दू के बीज भी अच्छा विकल्प हैं। इनमें मैग्नीशियम, जिंक, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स की मात्रा काफी अधिक होती है। मैग्नीशियम इंसुलिन के कार्य को ठीक करता है और ब्लड शुगर को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभाता है।
एक अध्ययन में बताया गया कि कद्दू के बीज का सेवन ब्लड शुगर लेवल को कम करने और डायबिटीज से जुड़ी जटिलताओं को रोकने में मदद कर सकता है। ये बीज एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस डायबिटीज की जटिलताओं जैसे किडनी और हृदय रोग को बढ़ाता है।
