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    February 07, 2026

    छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी बीमारी, डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

    अक्सर त्वचा पर किसी उभार या सूजन को लोग मामूली फुंसी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि हर उभरी हुई आकृति एक जैसी नहीं होती। इनके कारण, लक्षण और संभावित खतरे अलग-अलग हो सकते हैं। फुंसी आमतौर पर रोमछिद्रों में तेल और बैक्टीरिया जमा होने से बनती है, जबकि गांठ कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि या तरल पदार्थ से भरी थैली के रूप में विकसित हो सकती है। वहीं सूजन शरीर की चोट, एलर्जी, संक्रमण या आंतरिक समस्या के प्रति प्रतिक्रिया के कारण ऊतकों में तरल पदार्थ भरने से होती है।

    गांठ की पहचान कैसे करें?
    त्वचा के नीचे बनने वाली गांठ सख्त या मुलायम हो सकती है। लिपोमा जैसी चर्बीयुक्त गांठें सामान्यतः दर्दरहित और छूने पर खिसकने वाली होती हैं। लेकिन अगर गांठ बहुत सख्त हो, तेजी से बढ़े या आकार अनियमित लगे, तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है और तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

    सूजन किन कारणों से होती है?
    सूजन आमतौर पर किसी एक बिंदु तक सीमित नहीं रहती, बल्कि बड़े हिस्से को प्रभावित करती है। यह चोट, एलर्जी, संक्रमण या किडनी-दिल से जुड़ी समस्याओं के कारण हो सकती है। लालिमा और तेज दर्द के साथ सूजन होना शरीर में सूजन-प्रतिक्रिया (इन्फ्लेमेशन) का संकेत माना जाता है।

    फुंसी और फोड़े में अंतर
    फुंसी छोटा उभार होती है जिसमें अक्सर पस दिखाई देता है और यह हार्मोनल बदलाव या साफ-सफाई की कमी से जुड़ी होती है। वहीं गहरा संक्रमण होने पर फोड़ा बन सकता है, जो अधिक दर्दनाक होता है और कभी-कभी बुखार भी ला सकता है। फुंसी को दबाना या फोड़ना संक्रमण फैलाने का जोखिम बढ़ा देता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार त्वचा पर होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर पहचान और चिकित्सकीय सलाह गंभीर बीमारियों से बचाव में अहम भूमिका निभाती है।

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