• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    August 31, 2025

    छोटी बीमारियों में खुद से दवा लेना खतरे से खाली नहीं, डॉक्टरों की चेतावनी खोल देगी आपकी आंखें!...

    सर्दी-खांसी, बुखार या पेट दर्द होने पर क्या आप भी खुद से ही मेडिकल स्टोर से लाकर दवा खा लेते हैं? अगर हां तो सावधान हो जाइए आप एक बड़ी परेशानी को जन्म दे रहे हैं। इंटरनेट से जानकारी प्राप्त करके छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए खुद ही दवाएं लेना शुरू करना आजकल काफी ज्यादा देखा जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो यह आदत कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। कई स्थितियों में इसके कारण ऐसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है जो जानलेवा साबित हो सकती है।

    ओवर द काउंटर यानी बिना प्रिस्क्रिप्शन के खुद से दवा लेने का यह तरीका आसान और सस्ता लग सकता है, लेकिन इसके दीर्घकालिक परिणाम काफी गंभीर और चिंताजनक होते हैं।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कई बार चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टर की सलाह दवा खाने से एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे साधारण संक्रमण भी भविष्य में जानलेवा बन सकता है क्योंकि जरूरत पड़ने पर दवाएं असर करना बंद कर देती हैं। इतना ही नहीं खुद से दवा लेकर खाना किडनी-लिवर की बीमारियों को भी बढ़ाने वाला हो सकता है।

    क्या कहती हैं विशेषज्ञ?

    बातचीत में डॉक्टर्स ने बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स हॉस्पिटल के मेडिसन विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन ऐसे कई मरीज आते हैं, जो जोड़ों के दर्द, एलर्जी, त्वचा की बीमारी या सांस की दिक्कतों में बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक स्टेरॉयड लेते रहे हैं।

    मेडिसन विभाग की प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष डॉ. पायल जैन का कहना है कि भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने सेहत का सही से ध्यान नहीं रख रहे हैं। नतीजा है कि कम आयु में उनके शरीर में कई बीमारियां जन्म ले रही हैं। दवाइयां आसानी से मेडिकल स्टोर पर मिल जाती हैं या इंटरनेट पर तुरंत जानकारी मिल जाती है।

    ओपीडी में अक्सर कई मरीज आते हैं, जिनमें अचानक लिवर की समस्या देखी जाती है। जब उनकी हिस्ट्री ली जाती है, तब पता चलता है कि मरीज बिना किसी डॉक्टरी निगरानी के महीनों से पेनकिलर ले रहा था।

    गंभीर बीमारियों के पनपने का खतरा

    दिल्ली स्थित अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर विक्रमजीत सिंह कहते हैं, जब हम बिना डॉक्टरी सलाह के दवाएं लेते हैं, तो इससे रोग के लक्षण तो दब जाते हैं लेकिन असली बीमारी छिप जाती है। उदाहरण के लिए, अगर पेट दर्द हो और आपने कोई पेनकिलर खा ली, तो दर्द भले कुछ देर के लिए कम हो जाए लेकिन हो सकता है उसके पीछे अपेंडिक्स, गैस्ट्रिक अल्सर या लिवर की समस्या हो।

    ऐसे मामलों में मरीज को लगता है कि दवा से फायदा हुआ है, लेकिन असल में बीमारी अंदर ही अंदर गंभीर होती जाती है। कई बार लोग देर से डॉक्टर तक पहुंचते हैं और तब तक बीमारी बढ़ चुकी होती है।

    एंटीबायोटिक-रेजिस्टेंस को लेकर चिंता

    इसके अलावा बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं लेने से एंटीबायोटिक-रेजिस्टेंस का खतरा भी रहता है जिसको लेकर वैश्विक स्वास्थ्य संगठन लगातार चिंता जताते रहे हैं। बिना सही खुराक या कोर्स पूरा किए बिना एंटीबायोटिक दवा खुद से लेने से शरीर में मौजूद बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं होते, बल्कि धीरे-धीरे मजबूत होकर एंटीबायोटिक-रेजिस्टेंट बैक्टीरिया बन जाते हैं।

    अगर बैक्टीरिया दवाओं के प्रति प्रतिरोधक हो जाएं तो भविष्य में वही साधारण संक्रमण भी जानलेवा बन सकता है क्योंकि तब कोई भी सामान्य दवा काम नहीं करेगी।

    फिर क्या करना चाहिए?

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खुद से दवाएं लेना शुरुआत में आसान और सस्ता लग सकता है, लेकिन इसके नुकसान बहुत बड़े हो सकते हैं। इसलिए अगली बार जब आप मेडिकल स्टोर से खुद दवा लेने जाएं तो याद रखें कि डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेना खुद को और समाज को खतरे में डालना है।

    सुरक्षित और स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा तरीका है कि किसी भी बीमारी के लिए डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। कोई दवा जो आपके परिवार में किसी को फायदा की हो वह जरूरी नहीं है कि आप पर भी असर करे इसलिए शरीर की स्थिति के आधार पर और हमेशा विशेषज्ञ की सलाह से ही दवाएं लें।

    Tags :
    Share :

    Top Stories