क्या आप भी मांसाहारी आहार का सेवन करते हैं? अक्सर अंडा-मछली और मांस खाते हैं तो थोड़ा सावधान हो जाइए। कहीं आपका पसंदीदा मांस डाइट सेहत के लिए बड़ी समस्याएं न खड़ी कर दे? रेड मीट यानी मटन, पशु आधारित खानपान का एक अहम हिस्सा रहा है। इसे पसंद करने वालों की संख्या भी काफी बड़ी है। पर क्या आप जानते हैं कि इस प्रकार के मांस का सेवन फायदे की जगह आपकी सेहत के लिए बड़ी मुश्किलें पैदा करने वाला हो सकता है?
वैसे तो रेड मीट को आयरन से भरपूर माना जाता है, पर कई शोध बताते हैं कि जो लोग इसका अधिक सेवन करते हैं उनमें ब्लड प्रेशर, इंफ्लेमेशन से लेकर कई अन्य प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का खतरा अधिक हो सकता है।
रेड मीट, आयरन के साथ प्रोटीन और विटामिन बी12 का भी अच्छा स्रोत है। लेकिन शोध बताते हैं कि इसका अधिक सेवन शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
आयरन से भरपूर रेड मीट और कैंसर का खतरा
आमतौर पर माना जाता रहा है कि रेड मीट शरीर को भरपूर आयरन और विटामिन बी12 देता है। आयरन हमारे शरीर में खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने में मदद करता है। लेकिन, वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि रेड मीट का ज्यादा सेवन कई तरह की मुश्किलें भी पैदा कर सकता है।
रेड मीट में हीम आयरन होता है। यह शरीर में जल्दी अवशोषित हो जाता है, लेकिन यही दिक्कत भी है। जब यह ज्यादा मात्रा में आंतों में जाता है तो वहां एन-नाइट्रोसो कंपाउड नाम के हानिकारक केमिकल बनाता है। ये हमारे डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं और धीरे-धीरे बड़ी आंत (कोलन) का कैंसर पैदा कर सकते हैं।
डब्ल्यूएचओ की कर चुका है अलर्ट
साल 2015 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने स्पष्ट किया कि रेड मीट कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है, खासकर अगर इसे रोजाना और ज्यादा मात्रा में खाया जाए। रेड मीट की जगह चिकन का सेवन करना आपके लिए अधिक लाभकारी हो सकता है, ये भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत है।
हृदय स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कतें
आहार विशेषज्ञ बताते हैं, रेड मीट में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी बहुत ज्यादा होती है। ये दोनों चीजें खून में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा देती हैं। इसकी अधिकता खून की नलियों में ब्लॉकेज का कारण बन सकती है। यही ब्लॉकेज आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
एक अन्य शोध में पाया गया कि रेड मीट में मौजूद एल-कार्निटाइन नामक पदार्थ आंतों में जाकर एक प्रकार का केमिकल बनाता है, जो दिल की नलियों को और सख्त कर देता है। रेड मीट खाने से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
गाउट जैसी समस्याओं का जोखिम
रेड मीट में प्यूरिन नामक पदार्थ भी अधिक होता है, जो शरीर में यूरिक एसिड बनाता है। अगर आप ज्यादा रेड मीट खाते हैं तो शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। ज्यादा यूरिक एसिड से जोड़ों में दर्द, सूजन और गठिया (गाउट) जैसी समस्या होने लगती है। कई शोध बताते हैं कि रेड मीट गाउट और हड्डियों से संबधित दिक्कतों को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
