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    May 30, 2026

    IPL क्रिकेटरों तक पहुंची ई-सिगरेट की लत, राजस्थान में खुलेआम बिक्री का खुलासा

    बैन के बावजूद राजस्थान में धड़ल्ले से बिक रही ई-सिगरेट, नाबालिगों तक पहुंच रही सप्लाई

    राजस्थान में ई-सिगरेट (वेप) पर सात साल से प्रतिबंध होने के बावजूद इसकी खुलेआम बिक्री जारी है। हाल ही में आईपीएल के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग और लोकसभा में एक सांसद के ई-सिगरेट पीने के मामले चर्चा में रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एक ई-सिगरेट में 30 हजार तक पफ होते हैं, जो करीब 2000 सामान्य सिगरेट के बराबर माने जाते हैं।

    भास्कर की पड़ताल में जयपुर और जोधपुर के कई पान दुकानों और ठेलों पर ई-सिगरेट की बिक्री सामने आई। दुकानदारों ने अलग-अलग फ्लेवर की वेप 1800 से 2500 रुपए तक में उपलब्ध होने की बात कही। कई दुकानदारों ने ऑर्डर पर माल मंगाने और कैश पेमेंट की शर्त भी रखी। कुछ स्थानों पर होम डिलीवरी की सुविधा मिलने का दावा भी किया गया।

    जांच में यह भी सामने आया कि ई-सिगरेट के खरीदारों में बड़ी संख्या कॉलेज छात्रों और युवाओं की है। कई दुकानदारों ने स्वीकार किया कि सख्ती के बावजूद नियमित ग्राहकों को ई-सिगरेट उपलब्ध कराई जाती है। कुछ विक्रेता एडवांस भुगतान लेकर ऑर्डर पर सप्लाई देने को भी तैयार मिले।

    विशेषज्ञों ने ई-सिगरेट को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बताया है। चिकित्सकों के अनुसार इसके सेवन से फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है। एक कॉलेज छात्र को लगातार वेप पीने के कारण वेंटिलेटर तक पर रखना पड़ा था।

    भारत सरकार ने वर्ष 2019 में प्रोहिबिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक्ट लागू कर ई-सिगरेट के निर्माण, आयात, बिक्री, भंडारण और विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद पिछले तीन वर्षों में डीआरआई राजस्थान में 20 हजार से अधिक ई-सिगरेट जब्त कर चुकी है।

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