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    May 18, 2026

    शेखावत और महिमा कुमारी की चिट्ठियों के बाद भी नहीं बदले अफसर

     

    राजस्थान में अफसरों की बदलियों को लेकर मंत्री और सरकार के बीच खींचतान एक बार फिर चर्चा में है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की अपने विशिष्ट सहायक को हटाने की मांग पूरी नहीं होने के बाद सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर अपने विशिष्ट सहायक आरएएस अधिकारी बलवंत सिंह लिग्री को हटाकर उनकी जगह आरएएस अधिकारी विभु कौशिक को लगाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने 1 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भी लिखा था। हालांकि करीब पांच महीने बाद 13 मई को 187 आरएएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी होने के बावजूद बलवंत सिंह लिग्री का तबादला नहीं किया गया।

    सूत्रों के मुताबिक मंत्री बलवंत सिंह लिग्री की कार्यशैली से नाराज बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि लिग्री नियमों और प्रक्रियाओं के तहत सख्ती से काम करते हैं, जिससे मंत्री के करीबी लोग असहज रहते हैं। हालांकि बलवंत सिंह लिग्री ने मंत्री से किसी भी विवाद से इनकार करते हुए कहा कि वे पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं और सरकार जहां भेजेगी, वहां काम करेंगे।

    वहीं स्वास्थ्य मंत्री जिन विभु कौशिक को अपने विशिष्ट सहायक के रूप में लगाना चाहते हैं, वे 2006 बैच के आरएएस अधिकारी हैं और पहले भी वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री बाबूलाल वर्मा के विशिष्ट सहायक रह चुके हैं।

    राज्य सरकार द्वारा जारी हालिया तबादला सूची में कई विवादित अधिकारियों को बदला गया, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री की मांग पूरी नहीं होने से यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक जानकार इसे मुख्यमंत्री की ओर से सख्त संदेश के तौर पर भी देख रहे हैं।

    ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब किसी मंत्री या जनप्रतिनिधि ने पसंद के अधिकारी को हटाने की मांग की हो। इससे पहले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर ग्रामीण एसपी नारायण टोगस को हटाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। वहीं राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने तत्कालीन एसपी ममता गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दो बार मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। हालांकि इन मामलों में भी सरकार ने तुरंत कार्रवाई नहीं की।

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