• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    May 17, 2026

    रिकॉर्ड रूम में सबूत मिटाते पकड़ा गया कर्मचारी, RPSC में बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    RPSC भर्ती घोटाले में बड़ा खुलासा, कई कर्मचारी SOG की रडार पर

    राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। रिकॉर्ड रूम में घुसकर डमी कैंडिडेट से जुड़े सबूत मिटाने की कोशिश करने वाले आरपीएससी कर्मचारी मान सिंह मीणा से पूछताछ में कई और कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं। अब एसओजी ने आयोग के 7 से 9 कर्मचारियों को संदेह के दायरे में लिया है।

    एसओजी के अनुसार करौली निवासी राजेश कुमार मीणा ने प्राध्यापक (इतिहास) भर्ती परीक्षा-2022 में अपनी जगह उम्मेद सिंह को डमी कैंडिडेट बनाकर परीक्षा दिलाई थी। एडमिट कार्ड और दस्तावेजों में फोटो बदलकर परीक्षा दी गई और बाद में राजेश की सरकारी नौकरी लग गई।

    नौकरी लगने के बाद पकड़े जाने के डर से राजेश मीणा ने आरपीएससी के रिकॉर्ड बदलवाने की कोशिश की। इसी दौरान उसकी संपर्क आरपीएससी के यूडीसी मान सिंह मीणा से हुआ। आरोप है कि रिकॉर्ड बदलने के बदले 8 लाख रुपए की डील हुई, जिसमें 2 लाख रुपए एडवांस दिए गए।

    मान सिंह रिकॉर्ड रूम में बार-बार फाइलें खंगालता नजर आया। उसकी गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गईं, जिसके बाद आरपीएससी ने सबूत जुटाकर फरवरी 2025 में एसओजी को सौंप दिए। जांच के बाद एसओजी ने मान सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

    एसओजी एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि आयोग के कई कर्मचारी अलग-अलग तरीकों से पेपर माफिया की मदद कर रहे थे। मामले में जांच जारी है और सबूत मिलने पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

    एसओजी ने भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बनने वाले 2000 से ज्यादा लोगों का डिजिटल डेटा तैयार किया है। अब तक 150 से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। मुख्य आरोपी राजेश कुमार मीणा को भी गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

    Tags :
    Share :

    Top Stories