पायलट-बेनीवाल का टी-स्टॉल, MLA की दरियादिली और ‘कचरा अभियान’: राजनीति-ब्यूरोक्रेसी के दिलचस्प किस्से
राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों कई दिलचस्प घटनाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। कहीं विधायक की दरियादिली सुर्खियां बटोर रही है, तो कहीं सफाई अभियान के दौरान फोटो सेशन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर एआई से तैयार किया गया ‘पायलट-बेनीवाल टी-स्टॉल’ वीडियो भी लोगों का ध्यान खींच रहा है।
मूर्ति की मांग पर विधायक ने उठाया पढ़ाई और शादी का खर्च
डीग जिले के एक गांव में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान एक लड़की ने कामां विधायक नौक्षम चौधरी से बाबा साहब की प्रतिमा लगाने की मांग की। बातचीत के दौरान विधायक को पता चला कि लड़की आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है।
इस पर विधायक ने उसके पिता से फोन पर बात कर लड़की की आगे की पढ़ाई, रहने-खाने और शादी तक का पूरा खर्च उठाने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि बेटी की शिक्षा में आर्थिक बाधा नहीं आने दी जाएगी। घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
सफाई अभियान में फोटो के लिए बिखेरा गया कचरा
झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत आयोजित श्रमदान कार्यक्रम भी चर्चा में रहा। आरोप है कि अधिकारियों के श्रमदान की फोटो खिंचवाने के लिए पहले कचरा एकत्र किया गया और फिर उसे फैलाकर दोबारा उठाया गया।
इसी तरह अजमेर के किशनगढ़ क्षेत्र में कांग्रेस के चिंतन शिविर के दौरान श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नेताओं ने श्रमदान किया और श्रमिक महिलाओं के साथ फोटो खिंचवाए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ‘पायलट-बेनीवाल टी-स्टॉल’
एक एआई क्रिएटर द्वारा तैयार वीडियो में राजस्थान की राजनीति के प्रमुख नेताओं को चाय की दुकान चलाते हुए दिखाया गया है। वीडियो में सचिन पायलट, हनुमान बेनीवाल और किरोड़ी लाल मीणा के बीच गैस सिलेंडर, चाय की कीमत और गरीबों को मुफ्त चाय पिलाने को लेकर मजाकिया संवाद दिखाए गए हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
चित्तौड़गढ़ के ‘डांसिंग अंपायर’ भी चर्चा में
चित्तौड़गढ़ के स्थानीय क्रिकेट अंपायर जानू राजस्थानी अपने अनोखे अंदाज के कारण खिलाड़ियों और दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। चौका, छक्का और आउट के फैसले को वे नृत्य शैली में संकेत देकर बताते हैं। उनके इस अंदाज को देखने के लिए स्थानीय मैचों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
राजनीति, प्रशासन और खेल से जुड़े ये अलग-अलग किस्से इन दिनों प्रदेश में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
