पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राजस्थान में बिगड़ती कानून व्यवस्था और BJP विधायक अर्जुनलाल जीनगर पर युवक के साथ मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग की चुप्पी और BJP के दबाव में काम करने के आरोप लगाए हैं। गहलोत ने एक्स पर लिखा- राजस्थान में चारों ओर अराजकता का माहौल बन चुका है। रेप, हत्या, चोरी, डकैती जैसे क्राइम आम हो गए हैं। चिंताजनक ये है कि अब भाजपा विधायक ही गुंडागर्दी में शामिल हो रहे हैं।
गहलोत ने लिखा- चित्तौड़गढ़ के कपासन में भाजपा विधायक अर्जुनलाल जीनगर को पानी के लिए किया गया चुनावी वादा याद दिलाने पर युवक सूरज माली पर जानलेवा हमला हुआ। जो भाजपा राज में लोकतंत्र की हत्या की नई तस्वीर है। पीड़ित युवक के 25 से अधिक फ्रैक्चर आए हैं। युवक की स्थिति ऐसी है कि अभी तक डॉक्टर ऑपरेशन नहीं कर पा रहे हैं।
गहलोत ने लिखा- क्या भाजपा विधायकों से सवाल पूछने पर आमजन की जान लेने का प्रयास किया जाएगा? क्या पुलिस ऐसे विधायक पर कार्रवाई करने की हिम्मत जुटा पाएगी? पुलिस ने अभी तक इस घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। मैं कपासन पहुंचकर पीड़ित के परिजनों से मुलाकात करूंगा।
वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए गहलोत ने कहा- राहुल गांधी ने सबूतों के साथ बात रखी, किस तरह वोट काटे जा रहे हैं। वोट चोरी हो रही है। चुनाव आयोग इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है? सरकार को भी चाहिए कि वो इस पर बात करती। इसमें सरकार की भी बदनामी हो रही हे। वोट चोरी पर कार्रवाई की जगह चुनाव आयोग आंखें बंद करके चुपचाप बैठा है, इसमें बीजेपी और सरकार को आगे आना चाहिए , बात करनी चाहिए ।
मुख्य चुनाव आयुक्त एक्टिंग करते हुए बात करते हैं, यह शोभा नहीं देता
गहलोत ने कहा- चुनाव आयोग में निष्पक्षता होती तो बेकार की बहस में नहीं पड़ता। मैंने यह कभी नहीं देखा कि विपक्ष का नेता कोई सवाल उठाए और चुनाव आयोग इस तरह की प्रतिक्रिया दे। मुख्य चुनाव आयुक्त पता नहीं क्या क्या बोलते हैं। मैंने उनके बारे में सुना है, जब वह मीडिया से बात करते हैं तो एक्टिंग करते हुए करते हैं। जो उन्हें शोभा नहीं देता। ये बातें जब बाहर आती हैं तो जनता में संदेह पैदा होता है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है। वो खुद सरकार के दबाव में काम कर रहा है। यह लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
गहलोत ने कहा- जब कोई नेता आंकड़े देकर सबूत सहित बात कर रहा है तो उसका सम्मान के साथ जवाब देना चाहिए। अगर चुनाव आयोग सम्मान के साथ जवाब देता तो यह बात बढ़ती ही नहीं। अब घर-घर में बात पहुंच गई है कि वोट चोरी हो रहे हैं। EVM में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वीवीपैट लगाई गई, इसका मतलब सुप्रीम कोर्ट ने इस बात को माना कि EVM में छेड़छाड़ हो सकती है।
