केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि भारत में रेल व्यवस्था को करीब 50 से 60 वर्षों तक उपेक्षा झेलनी पड़ी, लेकिन अब रेलवे में ऐतिहासिक बदलाव हो रहा है।
वे यह बातें रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के 41वें स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे।
वैष्णव ने कहा कि अब रेलवे के हर क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और नई सुविधाओं को जोड़ा जा रहा है — चाहे ट्रैक बिछाने का काम हो, स्टेशन का नवीनीकरण हो या सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना।
35 हजार किमी नए ट्रैक, 1,300 स्टेशन हो रहे अपग्रेड
रेल मंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में लगभग 35,000 किलोमीटर नए ट्रैक बिछाए गए हैं, जो रेलवे इतिहास में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, “आज देश के कोने-कोने को रेल से जोड़ा जा रहा है। 1,300 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से 110 पर काम पूरा हो चुका है।”
अब तक 60,000 किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है। वैष्णव ने कहा, “दुनिया के विकसित देश भी इतने कम समय में ऐसा नहीं कर पाए हैं, जितना भारत ने कर दिखाया है।”
नई ट्रेनें, नए कोच — गरीब और मध्यम वर्ग पर फोकस
मंत्री ने बताया कि नमो भारत सेवाओं के पहले दो चरणों के सफल संचालन के बाद अब इन ट्रेनों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया जाएगा।
इसके साथ ही मेनलाइन ईएमयू ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
रेलवे अब तक 3,500 जनरल कोच जोड़ चुका है, जबकि 7,000 नए कोचों का निर्माण जारी है।
वैष्णव ने कहा कि लक्ष्य है — “हर वर्ग को बेहतर और सस्ती यात्रा सुविधा देना।”
‘कवच’ तकनीक से बढ़ी सुरक्षा
रेल मंत्री ने बताया कि अब तक 1,200 लोकोमोटिव इंजनों पर ‘कवच’ (ATP सिस्टम) लगाया जा चुका है। यह स्वदेशी तकनीक ट्रेन हादसों को रोकने के लिए स्वतः ब्रेक लगाती है, जिससे सुरक्षा में बड़ा सुधार हुआ है।
हर साल होगी आरपीएफ में भर्ती
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब RPF में हर साल भर्ती की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पिछले साल 452 सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती हुई थी, जबकि इस साल 4,208 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
मंत्री ने कहा, “पहले 4-5 साल तक भर्ती नहीं होती थी, जिससे उम्मीदवारों के मौके सीमित हो जाते थे। अब हर साल SSC के माध्यम से भर्ती होगी।”
