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    September 16, 2025

    दलहन और तिलहन की पैदावार बढ़ाने को लेकर केंद्र-राज्य मिलकर बनाएंगे व्यापक योजना: कृषिमंत्री का रोडमैप

    कृषि मंत्रालय ने देशभर में राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान -2025 में वर्ष 2025-26 के लिए 362.50 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा पिछले वर्ष 341.55 मिलियन टन का था। केंद्रीय कृषि शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन वर्ष 2024-25 में 353.96 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 21.66 मिलियन टन (6.5%) अधिक है। धान, गेहूं, मक्का, मूंगफली व सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों में रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया है। निर्धारित लक्ष्य 341.55 मिलियन टन से यह 12.41 मिलियन टन अधिक है।

    कृषि मंत्री शिवराज ने कहा कि रबी सम्मेलन एक राष्ट्र-एक कृषि-एक टीम के ध्येय को सिद्ध करने का एक सफल उदाहरण है। इस सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि मंत्रियों एवं वरिष्ठ कृषि अधिकारियों को गहन विचार-विमर्श करने का मंच उपलब्ध हुआ है। पहले रबी सम्मेलन एक दिन का ही होता था, लेकिन इस बार और अधिक बारीकी से काम करने के उद्देश्य से सम्मेलन दो दिवसीय रखा गया। कृषि के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य एक साथ मिलकर काम करने के लिए एकत्रित हुए हैं।

    दो दिन की कार्यशाला में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
    शिवराज सिंह ने बताया कि सम्मेलन के पहले दिन छह विषयों पर अलग-अलग समूहों में केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ कृषि अधिकारियों ने विचार-विमर्श किया। अब अलग-अलग राज्यों का रोडमैप वहां कृषि को विकसित करने के लिए वहीं कार्यशाला करके तय किया जाएगा। दो दिवसीय इस सम्मेलन में जिन विषयों पर चर्चा हुई, उनमें शामिल हैं– जलवायु सहनशीलता, गुणवत्तापूर्ण बीज-उर्वरक-कीटनाशक, बागवानी, प्राकृतिक खेती, प्रभावी प्रसार सेवाएं और कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका, केंद्र प्रायोजित योजनाओं का समन्वय। दलहन-तिलहन की उत्पादकता बढ़ाने और एकीकृत कृषि प्रणाली को लेकर भी विस्तार से बातचीत हुई है। केंद्रीय कृषि ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन के साथ देश में फल और सब्जियों के उत्पादन में भी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अच्छी बढ़ोतरी हुई है। आगे भी केंद्र और राज्य समन्वित प्रयास करते हुए कृषि के विकास और किसान कल्याण के लिए साथ काम करते रहेंगे।

    बाढ़ प्रभावित इन राज्यों को केंद्र करेगा मदद
    शिवराज ने बाढ़ प्रभावित राज्यों की स्थिति को लेकर भी चर्चा की और कहा कि सरकार की तरफ से पीड़ितों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण कुछ राज्य विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं जिसमें पंजाब, हिमाचल, जम्मू, उत्तराखंड, हरियाणा असम शामिल हैं। इन राज्यों में मदद के लिए कोई कमी नहीं रखी जाएगी। जो राज्य प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कवर है,पूरी कोशिश है कि वहां किसानों को बीमा राशि का उचित और त्वरित लाभ मिल सके।

    शिवराज सिंह ने कहा कि रबी फसल के लिए पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध है। बुवाई के लक्ष्य के तहत 229 लाख मीट्रिक टन बीज की आवश्यकता है, हमारे पास इससे भी अधिक मात्रा में 250 लाख मीट्रिक टन के करीब बीज उपलब्ध है। खाद और उर्वरक को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि वर्षा एवं अन्य परिस्थितियों के कारण क्रॉप पैटर्न में बदलाव आता है। इस साल वर्षा अच्छी मात्रा में हुई है, जिस कारण बुवाई के क्षेत्रफल में वृद्धि हुई है। खाद की अतिरिक्त मांग की यह वजह भी हो सकती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खाद और उर्वरक की पूरी आपूर्ति की जाएगी, राज्यों की मांग के आधार पर जितनी भी आवश्यकता होगी, खाद उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय से लगातार संपर्क है।

    गांव गांव जाएगी अधिकारियों की टीम,किसानों से होगी बातचीत
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि रबी फसल के लिए ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ पिछली बार की ही तरह इस बार भी चलाकर वैज्ञानिकों की दो हजार से अधिक टीमें गांव-गांव भेजी जाएंगी, जो किसानों को समुचित जानकारी देगी। इन टीमों में केंद्र और राज्यों के कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक रहेंगे, साथ ही कृषि विश्वविद्यालयों, एफपीओ एवं प्रगतिशील किसानों का भी इनमें प्रतिनिधित्व होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘लैब टू लैंड’ जोड़ने के लिए एक बार फिर सब मिलकर कार्य करेंगे।

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