महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एनसीपी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए महायुति गठबंधन की रणनीति पर चर्चा की। मुंबई स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास पर हुई इस बैठक के बाद पटेल ने कहा कि महायुति के घटक दल—भाजपा, शिंदे शिवसेना और एनसीपी (अजित पवार)—राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में स्वतंत्र तौर पर चुनाव लड़ेंगे। इसमें भंडारा और गोंदिया जिले भी शामिल हैं।
“स्थानीय चुनाव कार्यकर्ताओं का चुनाव” – प्रफुल्ल पटेल
मीडिया से बातचीत में पटेल ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का चुनाव होता है, इसलिए उन्हें स्वतंत्र रूप से अपनी ताकत दिखाने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई जगहों पर “दोस्ताना मुकाबले” की स्थिति भी बन सकती है।
पटेल के अनुसार, बैठक में उन्होंने और अजित पवार ने फडणवीस के साथ गठबंधन की व्यापक रणनीति पर चर्चा की और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर विचार किया।
पहले चरण के चुनाव 2 दिसंबर को
स्थानीय निकाय चुनाव दो चरणों में होंगे:
- पहला चरण (2 दिसंबर): 246 नगर पालिका परिषदें और 42 नगर पंचायतें
- दूसरा चरण (जनवरी 2025): नगर निगम, जिला परिषद और ग्राम पंचायत चुनाव
इससे पहले महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम देखने को मिला। मंत्री और एनसीपी नेता हसन मुश्रीफ ने कोल्हापुर जिले में आगामी निकाय चुनावों में भाजपा के खिलाफ लड़ने के लिए विपक्षी एनसीपी (शरद पवार) के नेता समरजीत घाटगे के साथ हाथ मिला लिया।
कागल की राजनीति में बड़ा बदलाव
कागल क्षेत्र में मुश्रीफ और घाटगे लंबे समय से कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। पिछले साल विधानसभा चुनावों में भाजपा द्वारा कागल सीट मुश्रीफ को देने के बाद घाटगे ने पार्टी छोड़कर एनसीपी (शरद पवार) का दामन थाम लिया था। हालांकि चुनाव में मुश्रीफ ने घाटगे को हराया।
अब दोनों नेताओं ने मंगलवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घोषणा की कि वे
- कागल नगर परिषद,
- मुरगुड नगर परिषद
चुनावों के लिए अजित पवार गुट और शरद पवार गुट के संयुक्त गठबंधन के तहत चुनाव लड़ेंगे।
इस समझौते को स्थानीय राजनीति में बड़ा फेरबदल माना जा रहा है।
