गोवा में समाजसेवी राम कंकोणकर पर दिनदहाड़े हुए हमले के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। शुक्रवार को विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के आवास तक मार्च किया और हमले के असली मास्टरमाइंड को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग उठाई।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार दोपहर पणजी के पास कंकोणकर पर पांच लोगों ने हमला किया। इनमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि एक अभी भी फरार है। इस घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विपक्षी नेताओं का विरोध मार्च
शुक्रवार सुबह आजाद मैदान में गोवा फॉरवर्ड पार्टी के विधायक विजय सरदेसाई, कांग्रेस विधायक कार्लोस अल्वारेस फरेरा, आप विधायक वेन्जी विगास, विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ, गोवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पाटकर, आप प्रमुख अमित पालेकर सहित कई नेता इकट्ठा हुए। सभी ने इसे लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा हमला बताया और कहा कि जनता की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है।
सरकार और भाजपा पर आरोप
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा शासित गोवा में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हुए इस हमले से साबित होता है कि राज्य में गैंगवार, ड्रग्स और महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
मुख्यमंत्री का जवाब
विरोध के बीच मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी आपराधिक गैंग को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट लगाने पर विचार कर रहे हैं। सावंत खुद गोवा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भी पहुंचे और घायल कंकोणकर से मुलाकात की।
सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी
पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोका तो उन्होंने डी.बी. बांदोदकर रोड को जाम कर दिया। यह सड़क शहर की एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन मानी जाती है। इस घटना से शहर में कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने मांग की कि हमले के पीछे असली मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती तो आंदोलन और तेज होगा।
