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    October 02, 2025

    मोहन भागवत के भाषण पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया,हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयदशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के भाषण की सराहना की। पीएम मोदी ने इसे प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इसमें भारत की अंतर्निहित क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर जोर दिया गया है।

    पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का प्रेरणादायक भाषण, जिसमें आरएसएस के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डाला गया और हमारी धरती की अंतर्निहित क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया, जिससे पूरी पृथ्वी को लाभ मिलेगा।”

    गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी 1980 के दशक में भाजपा में शामिल होने से पहले आरएसएस प्रचारक रह चुके हैं।

    भागवत के भाषण की मुख्य बातें

    नागपुर में विजयदशमी पर दिए गए अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज की ताकत और चरित्र, एकता की गारंटी देते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में ‘हम और वे’ की सोच कभी रही ही नहीं।

    भागवत ने स्वदेशी और स्वावलंबन का समर्थन करते हुए आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद अन्य देशों की प्रतिक्रियाओं ने यह साफ कर दिया कि कौन भारत का सच्चा मित्र है और कौन केवल सीमित सहयोग करता है।

    आरएसएस की पृष्ठभूमि

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में विजयदशमी के दिन हुई थी। वर्तमान में यह संगठन अपने शताब्दी वर्ष की तैयारियों में जुटा है। कुछ स्वयंसेवकों के साथ शुरू हुआ संघ आज दुनिया का सबसे बड़ा गैर-सरकारी संगठन बन चुका है। भाजपा वैचारिक रूप से आरएसएस से प्रेरित मानी जाती है।

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