• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    January 19, 2026

    महुआ मोइत्रा को राहत या बढ़ेगी मुश्किल? कैश-फॉर-क्वेरी मामले में लोकपाल ने हाईकोर्ट से मांगा समय

    कैश-फॉर-क्वेरी मामले में लोकपाल ने दिल्ली हाईकोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की है। लोकपाल ने अदालत से अनुरोध किया है कि उसे यह तय करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त वक्त दिया जाए कि तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई को चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति दी जाए या नहीं।

    इस मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की खंडपीठ के समक्ष हुई। हाईकोर्ट ने लोकपाल की अर्जी को 23 जनवरी को उस पीठ के सामने सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है, जिसने पहले इस मामले में आदेश पारित किया था।

    लोकपाल की ओर से अदालत को बताया गया कि यह आवेदन अभियोजन स्वीकृति (Sanction) से जुड़े मुद्दे पर विचार करने के लिए निर्धारित समयसीमा बढ़ाने को लेकर है। इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह आदेश में संशोधन जैसा प्रतीत होता है, इसलिए इसे उसी उपयुक्त पीठ के समक्ष रखा जाना चाहिए।

    गौरतलब है कि 19 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकपाल के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें सीबीआई को महुआ मोइत्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी दी गई थी। अदालत ने लोकपाल को निर्देश दिया था कि वह लोकपाल अधिनियम की धारा 20 के तहत कानून के अनुसार एक महीने के भीतर दोबारा इस मामले पर विचार करे। उस दौरान कोर्ट ने कहा था कि लोकपाल ने तय प्रक्रिया से हटकर फैसला लिया और अधिनियम की गलत व्याख्या की।

    क्या है कैश-फॉर-क्वेरी मामला?
    यह मामला आरोपों से जुड़ा है कि महुआ मोइत्रा ने एक कारोबारी से नकद और उपहारों के बदले संसद में सवाल पूछे। सीबीआई ने जुलाई 2025 में इस संबंध में अपनी रिपोर्ट लोकपाल को सौंपी थी। इससे पहले 21 मार्च 2024 को सीबीआई ने महुआ मोइत्रा और कारोबारी दर्शन हिरानंदानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी। एजेंसी का आरोप है कि सांसद ने रिश्वत लेकर अपने संसदीय विशेषाधिकारों का दुरुपयोग किया और लोकसभा की लॉग-इन डिटेल्स साझा कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा खतरा पैदा किया।

    Tags :
    Share :

    Top Stories