• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    February 07, 2026

    लंबित मामलों पर बड़ा कदम, सर्वोच्च अदालत ने संबंधित पक्षों से मांगा जवाब

    सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है, जिसमें राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जो विधायकों और सांसदों से जुड़े 45 आपराधिक मामलों को वापस लेने से रोकता है। मामले में सर्वोच्च अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 16 मार्च तय की है।

    दरअसल, हिमाचल हाईकोर्ट ने 26 अप्रैल 2024 को दिए अपने फैसले में कहा था कि राज्य सरकार 65 में से केवल 15 मामलों को ही वापस ले सकती है, जबकि शेष मामलों को वापस लेने की अनुमति नहीं दी गई। जिन मामलों की वापसी रोकी गई, उनमें कोरोना काल के दौरान रैलियों से जुड़े प्रकरण भी शामिल हैं, जो पिछली भाजपा सरकार के समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुए थे।

    सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील वी. गिरि ने दलील दी कि सभी मामलों को जनहित में वापस लिया जाना चाहिए और यह निर्णय लोक अभियोजकों, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से परामर्श के बाद लिया गया है।

    हाईकोर्ट ने जिन धाराओं से जुड़े मामलों की वापसी पर रोक लगाई थी, उनमें आईपीसी की धारा 269, 353, 504, 506 के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम और आपदा प्रबंधन कानून से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों में केस वापसी का निर्णय राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि वास्तविक जनहित के आधार पर और न्यायालय की अनुमति से ही होना चाहिए।

    Tags :
    Share :

    Top Stories