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    November 21, 2025

    कला महोत्सव 2025 की शुरुआत, राष्ट्रपति ने कहा–भारत की कला हमारी सभ्यता और मूल्यों का दर्पण

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को हैदराबाद स्थित राष्ट्रपति निलयम में भारतीय कला महोत्सव 2025 के दूसरे संस्करण का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पश्चिमी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    राष्ट्रपति ने बताया कि महोत्सव के पहले संस्करण में प्रतिभागियों को उत्तर भारत की सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं और विरासत से परिचित होने का अवसर मिला था। इस बार नौ दिनों तक चलने वाला यह आयोजन गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा, दमन–दीव और दादरा–नगर हवेली की हस्तकला, संगीत, नृत्य, साहित्य और पारंपरिक भोजन से रूबरू कराएगा।

    हस्तशिल्प कलाकारों से मुलाकात करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उनके उत्पाद पीढ़ियों से चली आ रही कौशल कला और परंपरा का अनूठा उदाहरण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखकर लोग महसूस करेंगे कि भारत की कला और परंपराएं कितनी समृद्ध हैं।

    राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपनी सभ्यता, इतिहास और सांस्कृतिक जड़ों को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने सांस्कृतिक धरोहर को जनसुलभ बनाने के लिए कई पहलें की हैं। दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के साथ शिमला, हैदराबाद और देहरादून के राष्ट्रपति निवास भी जनता के लिए खोल दिए गए हैं।

    राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “मैं राष्ट्रपति भवन को जनता का भवन मानती हूं। इसे आम नागरिकों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।” उन्होंने बताया कि इस वर्ष मार्च में राष्ट्रपति भवन में दक्षिणी राज्यों पर केंद्रित ‘विविधता का अमृत महोत्सव’ का दूसरा संस्करण आयोजित किया गया था।

    उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विभिन्न राज्यों के लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति और परंपरा को समझने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलती है।

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