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    September 29, 2025

    गृह मंत्रालय के विधेयकों पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस और सहयोगियों में मतभेद के संकेत

    संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है। कांग्रेस पार्टी संभवत: गृह मंत्रालय के तीन अहम विधेयकों की जांच के लिए गठित होने वाली इस समिति का हिस्सा नहीं बनेगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जल्द ही यह निर्णय औपचारिक रूप से लोकसभा अध्यक्ष को भेजा जा सकता है। इस कदम से विपक्षी एकजुटता और मजबूत होती दिख रही है।

    कांग्रेस का रुख
    कांग्रेस ने अभी तक समिति में शामिल होने की इच्छा नहीं जताई है। पार्टी का मानना है कि ये विधेयक संवैधानिक दायरे से बाहर हैं और विपक्षी नेताओं को टारगेट करने के लिए लाए गए हैं। समिति में शामिल होना इन विधेयकों को अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार करने जैसा होगा।

    विपक्षी दलों की स्थिति

    • तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और आम आदमी पार्टी पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे समिति का हिस्सा नहीं होंगे।
    • समाजवादी पार्टी ने भी संकेत दिए हैं कि विपक्ष को मिलकर इस पैनल का बहिष्कार करना चाहिए।
    • अन्य कुछ विपक्षी दलों ने औपचारिक रुख जाहिर नहीं किया है, लेकिन किसी ने भी समिति में शामिल होने की मंशा नहीं जताई।

    लोकसभा अध्यक्ष का बयान
    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि अभी तक किसी भी राजनीतिक दल ने लिखित रूप में समिति के बहिष्कार की सूचना नहीं दी है।

    तीन अहम विधेयक
    मानसून सत्र के अंतिम दिन गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए थे:

    • केंद्र शासित प्रदेश शासन (संशोधन) विधेयक
    • संविधान (130वां संशोधन) विधेयक
    • जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक

    इन विधेयकों में यह प्रावधान है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री गंभीर आरोपों में लगातार 30 दिन तक गिरफ्तार रहता है तो उसे पद से हटाया जा सकेगा।

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