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    October 30, 2025

    फर्जी आधार कार्ड घोटाला: शरद गुट के विधायक के खुलासे के बाद दर्ज हुआ केस

    मुंबई पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार के उस दावे के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने बताया था कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर फर्जी आधार कार्ड बनाया गया और उसका इस्तेमाल फर्जी वोटर रजिस्ट्रेशन में किया गया।

    कैसे हुआ खुलासा

    रोहित पवार ने 16 अक्तूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया था कि एक वेबसाइट पर फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं और उनका इस्तेमाल फर्जी मतदाताओं को जोड़ने में किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यह तरीका चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और धांधली का संकेत देता है।

    भाजपा नेता ने की शिकायत

    भाजपा की सोशल मीडिया सेल के सह-संयोजक धनंजय वागसकर ने एक यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो देखने के बाद शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के फर्जी आधार कार्ड बनाकर जनता में भ्रम और गुस्सा फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिससे सामाजिक सौहार्द को खतरा हो सकता है।

    रोहित पवार के गंभीर आरोप

    रोहित पवार ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनावों में भाजपा गठबंधन (महायुति) को अनुकूल परिणाम न मिलने के बाद फर्जी वोटर जोड़ने, सच्चे वोटरों के नाम हटाने और डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन जैसी गड़बड़ियां हुईं।
    उन्होंने कहा कि कई जगह मृत मतदाताओं के नाम से वोट डाले गए, और कुछ लोगों के आधार कार्ड का उपयोग दूसरे क्षेत्रों में फर्जी नामों और फोटो के साथ किया गया।

    पवार के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच हर साल औसतन 6.5 लाख नए वोटर जोड़े गए, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों से छह महीने के भीतर 48 लाख नए वोटर जुड़ गए, जो बेहद असामान्य है।

    जांच में जुटी मुंबई पुलिस

    फिलहाल साइबर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह फर्जी वेबसाइट किसने बनाई और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। तकनीकी जांच जारी है और पुलिस ने कहा है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए कई डिजिटल सुराग खंगाले जा रहे हैं।

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