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    September 23, 2025

    अमित शाह का दावा: 3 साल में भारत होगा वैश्विक नवाचार सूचकांक के टॉप-10 देशों में

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि पिछले एक दशक में वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत की रैंकिंग 91 से बढ़कर 38 हो गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले तीन वर्षों में भारत शीर्ष 10 में शामिल हो जाएगा। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए स्टार्टअप इंडिया अभियान के परिणाम दिखने लगे हैं। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है और इसने देश के युवाओं को नौकरी चाहने वालों से नौकरी देने वाला बना दिया है।

    गुजरात सरकार के स्टार्टअप कॉन्क्लेव के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि हाल ही में वैश्विक नवाचार सूचकांक की घोषणा की गई है। 2015 में इस सूचकांक में हमारी रैंकिंग 91 थी, लेकिन 2025 में हम 38वें स्थान पर पहुंच गए हैं। यह हमारे लोगों की क्षमता को दर्शाता है। मुझे पूरा विश्वास है कि अगले तीन वर्षों में भारत शीर्ष 10 देशों में शामिल होगा और हमारे युवाओं के प्रदर्शन और क्षमताओं को देखते हुए, दुनिया में नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

    'स्टार्टअप इंडिया अभियान ने हमारे युवाओं को नौकरी चाहने वालों से नौकरी देने वाला बना दिया'
    स्टार्टअप इंडिया योजना भारत सरकार की प्रमुख पहल है। जिसे 2016 में नवाचार को बढ़ावा देने और एक मज़बूत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए शुरू किया गया था, जिससे भारत को नौकरी चाहने वाले देश से नौकरी देने वाले देश में बदला जा सके। अमित शाह ने कहा, 2014 में हमारे पास केवल 500 स्टार्टअप थे। आज हमारे पास उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के साथ 1.92 लाख स्टार्टअप पंजीकृत हैं। 2014 में हमारे पास चार यूनिकॉर्न थे और अब हमारे पास 120 ऐसे प्रतिष्ठान हैं। जिनका संयुक्त बाजार मूल्य 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि औसतन सालाना 17000 स्टार्टअप स्थापित किए जा रहे हैं और इनमें से 9000 टियर-2 और टियर-3 शहरों में हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया अभियान ने हमारे युवाओं को नौकरी चाहने वालों से नौकरी देने वाला बना दिया है। शाह ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया योजना के शुभारंभ के समय सरकार को पता था कि अगर इसके लिए उचित माहौल नहीं बनाया गया तो यह सफल नहीं होगा।

    उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 2014 से देश भर के स्टार्टअप्स को वित्तीय, बुनियादी ढांचा, नीतिगत और बैंकिंग सहायता उपलब्ध कराई गई है। स्टार्टअप्स की मदद के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एक फंड ऑफ फंड्स बनाया गया है। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए अधिकतम ऋण सीमा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये कर दी गई है और विभिन्न कर रियायतें भी दी गई हैं।

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