हाई कोलेस्ट्रॉल एक ऐसी समस्या है, जिसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते। हमारी नसों (धमनियों) में जब बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह एक मोम जैसे पदार्थ की तरह नसों की दीवारों पर चिपकने लगता है। इससे नसें संकरी और सख्त हो जाती हैं, जिससे खून के बहाव में रुकावट आती है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
लेकिन अच्छी बात यह है कि दवाओं के साथ-साथ हमारी दिनचर्या की कुछ अच्छी आदतें इस जमे हुए बैड कोलेस्ट्रॉल को प्राकृतिक रूप से कम करने या पिघलाने में मदद कर सकती हैं। अपनी जीवनशैली में आज से ही कुछ आसान बदलाव करके आप अपने दिल को स्वस्थ बना सकते हैं।
घुलनशील फाइबर को डाइट में शामिल करें
अपनी डाइट में घुलनशील फाइबर से भरपूर चीजों को शामिल करना कोलेस्ट्रॉल कम करने का सबसे असरदार तरीका है। यह फाइबर पानी में घुलकर एक जेल जैसा पदार्थ बनाता है, जो पाचन तंत्र में कोलेस्ट्रॉल को बांधकर शरीर से बाहर निकाल देता है। इसके लिए अपनी डाइट में जई, दलिया, सेब, बीन्स, दालें और खट्टे फलों को शामिल करें। दिन की शुरुआत एक कटोरी ओट्स से करना आपके दिल के स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन हो सकता है।
नियमित व्यायाम है 'रामबाण' इलाज
एक गतिहीन जीवनशैली बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है। नियमित व्यायाम न सिर्फ आपका वजन नियंत्रित रखता है, बल्कि यह गुड कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल को बढ़ाने में भी मदद करता है। गुड कोलेस्ट्रॉल नसों में जमे बैड कोलेस्ट्रॉल को वापस लिवर तक ले जाता है, जहां से वह शरीर से बाहर निकल जाता है। हफ्ते में कम से कम 5 दिन, 30 से 45 मिनट तक तेज चलने, जॉगिंग या साइकिलिंग जैसी कोई भी एक्सरसाइज जरूर करें।
सैचुरेटेड फैट से परहेज करें
अपने भोजन से ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट को हटा दें, जो अक्सर तले हुए खाने, जंक फूड और पैकेट वाले स्नैक्स में पाए जाते हैं। इसके बजाय हेल्दी फैट्स को चुनें, जैसे कि बादाम, अखरोट, अलसी के बीज और जैतून का तेल आदि। इसके अलावा, धूम्रपान और शराब का सेवन सीधे तौर पर आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बिगाड़ता है।
तनाव प्रबंधन और पर्याप्त नींद है जरूरी
लगातार बना रहने वाला तनाव भी अप्रत्यक्ष रूप से कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है, क्योंकि यह हमारी खाने-पीने की आदतों को प्रभावित करता है। तनाव को कम करने के लिए योग या ध्यान करें। इसके साथ ही रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लेना भी बहुत जरूरी है। अच्छी नींद शरीर को खुद को सुधारने और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने में मदद करती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में आसानी होती है।
