वैश्विक बाजारों में कमजोर रुझानों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। विश्लेषकों के अनुसार भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी निवेशकों की धारणा पर दबाव बनाए रखा।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 54.30 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,213.36 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 427.34 अंक टूटकर 84,840.32 के स्तर तक आ गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 19.65 अंक यानी 0.08 प्रतिशत फिसलकर 26,027.30 अंक पर बंद हुआ।
रुपया सर्वकालिक निचले स्तर पर
सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 90.80 तक कमजोर हुआ और अंत में 90.74 (अस्थायी) के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स शेयरों का प्रदर्शन
सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, अदानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, टाइटन और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर, ट्रेंट, एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
विशेषज्ञों की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और कमजोर रुपये के कारण बाजार सीमित दायरे में बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर स्पष्टता आने तक मुद्रा और बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
वैश्विक बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं यूरोपीय बाजारों में मजबूती देखने को मिली। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को कमजोरी के साथ बंद हुए थे।
कच्चा तेल और निवेशकों की गतिविधि
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.15 प्रतिशत बढ़कर 61.21 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 1,114.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,868.94 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
गौरतलब है कि शुक्रवार को सेंसेक्स 449.53 अंक की बढ़त के साथ 85,267.66 अंक और निफ्टी 148.40 अंक चढ़कर 26,046.95 अंक पर बंद हुआ था।
