खनन उद्योग से जुड़े संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रीज (एफआईएमआई) ने चेतावनी दी है कि अगर निम्न-ग्रेड आयरन अयस्क (58% से कम आयरन वाली अयस्क) पर 30% तक निर्यात शुल्क लगाया गया, तो कर्नाटक, गोवा और ओडिशा जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को 16000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होगा। इसके अलावा, खनन उद्योग आर्थिक रूप से अस्थिर हो जाएगा और लगभग पांच लाख लोगों की आजीविका पर संकट आ सकता है।
वर्तमान में इस श्रेणी के आयरन अयस्क पर कोई निर्यात शुल्क नहीं है। लेकिन सरकार इसे बढ़ाकर 20 से 30 प्रतिशत तक करने पर विचार कर रही है। सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में आयरन अयस्क की आपूर्ति बढ़ाना है। एफआईएमआई ने कहा कि यह कदम न सिर्फ खनन उद्योग पर गंभीर असर डालेगा, बल्कि इससे जुड़ी स्टील इंडस्ट्री पर भी दबाव बढ़ेगा। संगठन ने इस मुद्दे को कर्नाटक में लागू अधिकतम वार्षिक उत्पादन सीमा (एमपीएपी) से भी जोड़ा।
क्या है एमपीएपी?
2013 में सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में आयरन अयस्क खनन पर माइन-वाइज प्रोडक्शन कैप यानी एमपीएपी लगाया था। इसका उद्देश्य उस समय की खनन गड़बड़ियों और निगरानी की कमी को दूर करना था। यह व्यवस्था अस्थायी थी, लेकिन अब तक लागू है। पूरे देश में सिर्फ कर्नाटक पर यह पाबंदी है, किसी और राज्य में नहीं।
एफआईएमआई की मांग
फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रीज का कहना है कि जब एमपीएपी लगाया गया था, तब यह जरूरी था, लेकिन अब खनन उद्योग की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह बदल गई है। एफआईएमआई (साउथ) के निदेशक एस.एस. हिरेमठ ने कहा,'अब यह सीमा भेदभावपूर्ण हो गई है और आयरन अयस्क उत्पादन की वृद्धि रोक रही है। इससे घरेलू स्टील उद्योग पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।'
एफआईएमआई ने सुझाए दो बड़े कदम
इसे लेकर एफआईएमआई ने दो बड़े कदम सुझाए हैं। जिसमें पहला- निम्न-ग्रेड आयरन अयस्क पर निर्यात शुल्क न लगाया जाए और दूसरा- कर्नाटक से एमपीएपी पूरी तरह हटाया जाए। संगठन का कहना है कि अगर इन दोनों मुद्दों का सही समाधान नहीं किया गया, तो खनन और स्टील उद्योग दोनों को गंभीर नुकसान होगा और बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।
You May Also Like
हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों के बाद आई अडानी ग्रुप की प्रतिक्रिया सामन...
अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से अडानी ग्रुप...
READ MORE
हिंडेनबर्ग के आरोपों पर अडानी ग्रुप की दो-टूक
हिंडनबर्ग के द्वारा बनाई गई रिपोर्ट को अदाणी ग्रुप ने दुर्भावनापूर्ण...
READ MORETop Stories
-
थरूर की गैरमौजूदगी पर सियासी चर्चा तेज: संदीप दीक्षित बोले कोई फर्क नहीं पड़ता
- Author
- January 23, 2026
-
तिरुवनंतपुरम पर पीएम मोदी का बड़ा दावा: शहर को बनाया जाएगा आदर्श शहर
- Author
- January 23, 2026
-
यूपी की सियासत गरमाई: ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव पर कसा तंज
- Author
- January 23, 2026
-
AEN से मारपीट का वीडियो वायरल, सरकारी दस्तावेजों को भी पहुंचाया नुकसान
- Author
- January 23, 2026
-
जैसलमेर टूरिज्म पर नई व्यवस्था, जोधपुर-बाड़मेर रोड पर बनेंगे दो टोल नाके
- Author
- January 23, 2026
-
पिकअप की टक्कर से पिता-पुत्र हादसे का शिकार, 10 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत
- Author
- December 10, 2025
-
वन क्षेत्र में रोमांच का नज़ारा: ट्रैक पर आराम फरमाता दिखा टाइगर एसटी-18, वीडियो वायरल
- Author
- December 10, 2025
-
तार हटाने के विवाद में दौसा में बवाल, छोटे भाई ने किया तेजाब से हमला
- Author
- October 11, 2025
-
एम्स जोधपुर में मेडिकल इतिहास: हरलाल के कटे हाथों का सफल प्रत्यारोपण, खुशियों की वापसी
- Author
- October 01, 2025
-
मौसम विभाग का अलर्ट: 19 जिलों में जारी रहा बारिश का खतरा
- Author
- September 29, 2025
