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    May 31, 2026

    2026 में अब तक ₹2.25 लाख करोड़ की विदेशी निकासी, मई में भी जारी रही बिकवाली

    भारतीय शेयर बाजार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निकासी का सिलसिला मई में भी जारी रहा। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने मई महीने में भारतीय इक्विटी बाजार से 32,963 करोड़ रुपए निकाले।

    इस ताजा बिकवाली के साथ वर्ष 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों की कुल निकासी 2.25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा वर्ष 2025 के पूरे साल में हुई 1.66 लाख करोड़ रुपए की बिकवाली से भी अधिक है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक कंपनियों की सुस्त अर्निंग ग्रोथ, रुपए में लगातार कमजोरी और अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया तथा ताइवान जैसे बाजारों में बेहतर निवेश अवसर मिलने के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से दूरी बना रहे हैं।

    साल 2026 में फरवरी को छोड़कर हर महीने विदेशी निवेशक नेट सेलर रहे हैं। जनवरी में 35,962 करोड़ रुपए की निकासी हुई थी, जबकि फरवरी में 22,615 करोड़ रुपए का निवेश आया था। इसके बाद मार्च में रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपए और अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपए की बिकवाली दर्ज की गई।

    विशेषज्ञों का कहना है कि रुपए की कमजोरी भी विदेशी निवेशकों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 6% कमजोर हो चुका है, जिससे डॉलर के मुकाबले निवेशकों का रिटर्न प्रभावित हुआ है।

    इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में बढ़ता तनाव भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से आयात बिल और चालू खाता घाटा बढ़ने की आशंका रहती है।

    हालांकि मई में बिकवाली की रफ्तार पिछले महीनों की तुलना में कुछ धीमी रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक जोखिमों में थोड़ी कमी आई है, लेकिन जब तक रुपए, कच्चे तेल और अन्य आर्थिक संकेतकों में ठोस सुधार नहीं होता, तब तक विदेशी निवेशकों की मजबूत वापसी की संभावना कम दिखाई देती है।

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