'नेशनल वुमेन हेल्थ एंड फिटनेस डे' हर साल सितंबर के आखिरी बुधवार को मनाया जाता है। इस साल यह 24 सितंबर को मनाया जा रहा है। यह दिन इसलिए मनाया जाता है कि ताकि महिलाओं के स्वास्थ्य और फिटनेस की अहमियत के बारे में बताया जा सके। बॉलीवुड में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर कई फिल्में बनी हैं। आज हम इन फिल्मों के बारे में बताने वाले हैं।
पैडमैन
अक्षय कुमार और राधिका आप्टे की अदाकारी वाली फिल्म 'पैडमैन' साल 2018 में रिलीज हुई। इसमें महिलाओं के स्वास्थ्य का मुद्दा उठाया गया। इस फिल्म में एक ऐसे व्यक्ति की कहानी दिखाई गई, जिसने महिलाओं के लिए सस्ता सेनेटरी पैड बनाया। फिल्म में इस बात पर जोर दिया गया कि महिलाएं माहवारी के वक्त गंदे और पुराने कपड़ों का इस्तेमाल न करें।
टॉयलेट एक प्रेम कथा
अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर की अदाकारी वाली फिल्म 'टॉयलेट एक प्रेम कथा (2017)' भी महिलाओं के स्वास्थ्य का मुद्दा उठाती है। इसमें यह दिखाने की कोशिश की गई है कि अगर महिलाएं बाहर शौच के लिए जाती हैं तो उन्हें किन दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इससे उनकी सेहत भी खराब होती है। इस फिल्म को काफी सराहा गया।
जनहित में जारी
फिल्म 'जनहित में जारी (2022)' में दिखाया है कि आज के समय में गर्भ निरोधक का इस्तेमाल करना महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कितना जरूरी है। इससे अनचाहे गर्भ को रोका जा सकता है और गर्भपात के दौरन होने वाली मौतों को रोका जा सकता है। नुसरत भरूचा ने फिल्म में एक कंडोम बेचने वाली महिला का किरदार निभाया है। इस फिल्म को भी काफी सराहना मिली है।
विक्की डोनर
साल 2012 में रिलीज हुई इस फिल्म में लड़कियों के बांझपन के बारे में दिखाया गया है। आयुष्मान खुराना और यामी गौतम की अदाकारी वाली यह कॉमेडी फिल्म शुक्राणु दान के विषय को उठाती है। फिल्म में बताने की कोशिश की गई है कि प्रजनन स्वास्थ्य का एक समाधान शुक्राणु दान भी हो सकता है।
चोरी चोरी चुपके चुपके
साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म 'चोरी चोरी चुपके चुपके' में सरोगेसी के मुद्दे को उठाया गया। सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा की अदाकारी वाली इस फिल्म में यह दिखाने की कोशिश की गई कि अगर कोई महिला मां नहीं बन सकती तो वह सरोगेसी के जरिए मां बन सकती है।
