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    September 15, 2025

    धर्म से ऊपर उठकर निभाया फर्ज़: भीलवाड़ा में मुस्लिम बेटे ने दी हिंदू मां को अंतिम विदाई, अस्थि विसर्जन भी करेगा

    भीलवाड़ा के गांधी नगर स्थित जंगी चौक में रविवार को एक मिसाल पेश हुई, जब 67 वर्षीय हिंदू महिला शांति देवी का अंतिम संस्कार एक मुस्लिम युवक ने हिंदू रीति-रिवाजों से किया। महिला के परिवार में कोई नहीं था, जो उनकी अंतिम यात्रा की जिम्मेदारी निभा सके। ऐसे में उन्हें मां की तरह मानने वाले मोहल्ले के असगर अली खान ने यह जिम्मा उठाया।

    असगर को मोहल्ले के अन्य मुस्लिम युवाओं का भी साथ मिला। उन्होंने न केवल अर्थी को कंधा दिया, बल्कि पूरी प्रक्रिया हिंदू परंपराओं के अनुसार निभाई। अंतिम यात्रा के दौरान मुस्लिम महिलाएं भी भावुक हो उठीं और रोने लगीं।

    15 साल से अकेली थीं शांति देवी, असगर ने निभाया बेटा बनकर फर्ज़

    जंगी चौक निवासी निसार सिलावट ने बताया कि शांति देवी पिछले 15 सालों से मोहल्ले में सलीम कुरैशी के मकान में किराए से रह रही थीं। लंबे समय से बीमार चल रहीं शांति देवी का इलाज महात्मा गांधी अस्पताल में चल रहा था, जहां रविवार को उनकी मृत्यु हो गई।

    महिला की देखभाल करने वाले असगर अली खान ने बताया कि, “जब मैं तीन-चार साल का था, तब से शांति देवी ने मुझे मां जैसा स्नेह दिया। रोज़ पूछती थीं— खाना खाया कि नहीं? तबीयत कैसी है?”

    पूरे मोहल्ले ने निभाया साथ

    शांति देवी के निधन के बाद असगर ने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली। मोहल्ले के अशफाक कुरैशी, शाकिर पठान, फिरोज कुरैशी कांचा, आबिद कुरैशी, असगर पठान, इनायत, जाबिद कुरैशी सहित कई लोगों ने उनका साथ दिया।

    मोक्ष रथ से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। शाम को मध्य प्रदेश से कुछ रिश्तेदार पहुंचे, जिन्होंने अंतिम यात्रा में भाग लिया। शांति देवी की अर्थी को श्मशान तक ले जाकर पूरे सम्मान के साथ हिंदू रीति से अंतिम संस्कार किया गया।

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