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    October 09, 2025

    SMS ट्रॉमा हादसा: समय पर CISF रिपोर्ट मांगी होती, तो बच सकती थीं जानें

    राजधानी के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात शॉर्ट सर्किट से लगी आग में 8 मरीजों की जान चली गई। हादसे ने अस्पताल में मरीज सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर किया है।

    CISF सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट लंबित

    तीन महीने पहले अस्पताल प्रशासन ने CISF से सुरक्षा ऑडिट और परामर्श लिया था, जिसके लिए 30 लाख रुपये का भुगतान किया गया। CISF ने दौरा किया, लेकिन अब तक रिपोर्ट प्रशासन को नहीं सौंपी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रिपोर्ट समय पर मिलती, तो यह भयावह हादसा टाला जा सकता था।

    अस्पताल की वर्तमान स्थिति

    • SMS अस्पताल की क्षमता 3,000 मरीज, जबकि भर्ती 4,500 से ज्यादा।
    • राज्य और पड़ोसी राज्यों से मरीज रेफर होकर यहां आते हैं।
    • अस्पताल की इमारत लगभग 80 साल पुरानी और जर्जर है। MNIT ने इसे ध्वस्त कर नई बिल्डिंग बनाने की सिफारिश की थी।

    पहले से चेतावनी

    पूर्व ICU इंचार्ज डॉ. अनुराग धाकड़ ने कई बार बिजली की खामियों की जानकारी दी थी, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर खतरा था।

    ट्रॉमा सेंटर का हाल और मान्यता

    2014 में स्थापित SMS ट्रॉमा सेंटर को हाल ही में “सर्वश्रेष्ठ संस्थान पुरस्कार 2025” से सम्मानित किया गया था। हादसे के बाद ICU को आग से नुकसान हुआ और इलाज प्रभावित हुआ। प्रशासन ने मरम्मत और सुरक्षा उपायों का रिव्यू शुरू कर दिया है।

    मुख्य वजहें

    CISF रिपोर्ट का लंबित रह जाना

    जर्जर भवन और पुरानी बिजली व्यवस्था

    मरीज सुरक्षा की अनदेखी

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