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    October 05, 2025

    पाली के जवाई बांध का पानी अब तय मात्रा में बंटेगा, सिंचाई और पेयजल की प्राथमिकता तय

    पाली जिले के जवाई बांध का इस बार 4900 एमसीएफटी पानी सिंचाई और 2949 एमसीएफटी पानी पेयजल के लिए रिजर्व रहेगा। यह फैसला शनिवार को बांध के जल वितरण को लेकर हुई बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता संभागीय आयुक्त प्रतिभा सिंह ने की। सभी उपस्थित अधिकारी और किसान प्रतिनिधियों ने इस आरक्षण पर सहमति जताई।

    पिछले साल से ज्यादा पानी रिजर्व

    इस बार सिंचाई के लिए 500 एमसीएफटी अधिक पानी रिजर्व किया गया है। पेयजल कोटे में अक्टूबर के पहले चार दिनों में 32 एमसीएफटी पानी खर्च हो चुका है। यह आरक्षण पाली और जालोर के 57 गांवों की 38,671 हेक्टेयर भूमि के लिए पर्याप्त है। पेयजल के लिए भी 236 एमसीएफटी अतिरिक्त पानी आरक्षित किया गया है, जो 10 शहरों और 868 गांवों की प्यास 25 अगस्त 2026 तक बुझाने के लिए पर्याप्त है।

    जवाई समेत सेई, कालीबोर, सिंदरू, तखतगढ़, बलवना, गलदेरा और दुजाना बांधों को मिलाकर कुल 7817 एमसीएफटी पानी आरक्षित किया गया। जबकि सिंचाई और पेयजल के लिए कुल मांग क्रमशः 5229 और 3392 एमसीएफटी थी।

    जवाई बांध के लाभार्थी अब 4 जिले

    जवाई बांध का पानी पाली और जालोर में सिंचाई और पेयजल दोनों के लिए उपयोग होता है। इसके अलावा ब्यावर और सिरोही के कई गांव भी इस पानी पर निर्भर हैं। पिछले चार साल में पेयजल आबंटन 2022 में 2680 एमसीएफटी से बढ़कर अब 2949 एमसीएफटी हो गया है। इसी दौरान उद्योगों की खपत 22% बढ़ गई है।

    उद्योगों की बढ़ती खपत

    पाली की टेक्सटाइल और डाइंग यूनिट्स रोजाना करीब 10-12 एमसीएफटी पानी इस्तेमाल करती हैं, जो पूरे शहर की खपत के बराबर है। अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले दो साल में पाली को अतिरिक्त पानी की जरूरत होगी।

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