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    February 04, 2026

    पांच जिलों में घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी, दृश्यता कम होने से जनजीवन प्रभावित

    राजस्थान के करणसिंह राठौड़ (22) की पार्थिव देह बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे श्रीमाधोपुर थाना पहुंची। वे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में शहीद हो गए थे। शहीद के सम्मान में श्रीमाधोपुर थाने से उनके पैतृक गांव कंचनपुर-जोरावरनगर स्थित राठौड़ों की ढाणी तक करीब 11 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जो सुबह 10:50 बजे शुरू हुई।

    तिरंगा यात्रा श्रीमाधोपुर, कल्याणपुरा, कंचनपुर और जोरावरनगर होते हुए पैतृक गांव पहुंचेगी। अंतिम दर्शन के बाद घर से करीब 2 किलोमीटर दूर कंचनपुर गौशाला के पास स्थित मोक्ष धाम में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    17 कॉर्प्स सिलीगुड़ी-बागडोगरा में थे तैनात

    परिजनों के अनुसार, करणसिंह दिसंबर 2022 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे और 17 कॉर्प्स, सिलीगुड़ी-बागडोगरा में तैनात थे। 1 फरवरी की शाम आर्मी के कमांडिंग ऑफिसर ने फोन पर उनके निधन की सूचना दी।

    निधन से तीन घंटे पहले मां से हुई थी बात

    शहादत से लगभग तीन घंटे पहले करणसिंह ने अपनी मां मुकेश कंवर से फोन पर बात की थी और बताया था कि वे ड्यूटी से लौटकर खाना खाने जा रहे हैं। कुछ ही घंटों बाद उनके निधन की खबर से परिवार स्तब्ध रह गया। परिजनों को अब तक मौत के कारण की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

    देश सेवा से जुड़ा है पूरा परिवार

    करणसिंह के पिता दयाल सिंह राठौड़ करीब 10 साल पहले सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके दोनों चाचा सेना में कार्यरत हैं, जबकि बड़ी बहन निकिता कंवर सीमा सुरक्षा बल में सेवाएं दे रही हैं। करणसिंह अविवाहित थे।

    शहीद की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं और पूरे क्षेत्र में शोक व गर्व का माहौल है।

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