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    December 03, 2025

    मसला गर्माया: विदेश में फंसे भारतीयों की भर्ती पर उठा सवाल

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को भारत आने वाले हैं। उनके दौरे से ठीक एक दिन पहले, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा के शून्यकाल में रूस में फंसे 61 भारतीय युवकों का मुद्दा उठाया।

    बेनीवाल ने बताया कि राजस्थान समेत देश के विभिन्न राज्यों के 61 भारतीय युवक स्टडी और वर्क वीजा पर रूस गए थे, लेकिन उन्हें धोखे से रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया। सांसद ने इन सभी की तत्काल स्वदेश वापसी की मांग की।

    सांसद ने कहा कि इन युवकों को रोजगार और सामान्य कार्य का झांसा देकर रूस पहुंचाया गया, लेकिन वहां मौजूद एजेंटों ने जबरन सैन्य गतिविधियों में लगा दिया। उनके परिवारों के मुताबिक, युवक पिछले तीन से चार महीनों से संपर्क में नहीं हैं।

    इन 61 युवकों में राजस्थान के मनोज सिंह शेखावत, अजय कुमार, संदीप सूंडा, महावीर प्रसाद और करमचंद शामिल हैं। प्रभावित परिवारों ने 3 नवंबर और 1 दिसंबर को जंतर-मंतर पर धरना देकर सरकार से गुहार लगाई थी। बेनीवाल ने इस मुद्दे की जानकारी विदेश मंत्रालय को भी भेज दी है।

    सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि रूस सरकार से तुरंत बातचीत कर इन युवकों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकालकर भारत वापस लाया जाए। साथ ही, इस धोखे में शामिल एजेंटों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

    इससे पहले, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के युवकों के वीडियो भी सामने आए थे, जिनमें उन्होंने धोखे से युद्ध में धकेले जाने का आरोप लगाया था। ऐसे मामलों के बाद 11 सितंबर 2025 को विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की थी।

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