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    February 04, 2026

    जैसलमेर में एंट्री के लिए देना होगा टैक्स, माउंट आबू-पुष्कर की तर्ज पर लगेंगे टोल नाके

    करीब 22 साल बाद जैसलमेर आने वाले पर्यटकों को शहर में प्रवेश के लिए टैक्स देना होगा। नगर परिषद ने पर्यटक और व्यावसायिक वाहनों पर Passenger Tax लगाने का फैसला किया है। राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और 28 जनवरी को इसका गजट नोटिफिकेशन जारी हो चुका है।

    नगर परिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा के अनुसार शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। प्रशासनिक स्तर पर इसे 1 फरवरी से लागू किया जाना था, लेकिन जोधपुर और बाड़मेर रोड पर टोल नाके निर्माणाधीन होने के कारण व्यवस्था अंतिम चरण में है। नाकों का काम पूरा होते ही यात्री कर वसूली शुरू कर दी जाएगी।

    किसे देना होगा टैक्स

    यह कर मुख्य रूप से पर्यटकों और व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा, जबकि जैसलमेर के स्थानीय निवासियों की निजी गाड़ियां पूरी तरह मुक्त रहेंगी। स्थानीय नंबर की टैक्सियों सहित बाहर से आने वाली टैक्सी गाड़ियां इस दायरे में होंगी। वाहनों की श्रेणी के अनुसार 50 से 200 रुपए तक शुल्क तय किया गया है।

    दो प्रमुख मार्गों पर बनेंगे टोल नाके

    नगर परिषद ने पर्यटकों की भारी आवाजाही को देखते हुए शहर के दो मुख्य प्रवेश मार्ग—जोधपुर रोड और बाड़मेर रोड—पर आधुनिक टोल नाके बनाने का निर्णय लिया है। यहां रसीद जारी करने के बाद ही वाहनों को शहर में प्रवेश मिलेगा। इन मार्गों से जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, गुजरात और दक्षिण राजस्थान से आने वाले पर्यटक गुजरते हैं।

    क्यों जरूरी हुआ यात्री कर

    जैसलमेर की जनसंख्या अपेक्षाकृत कम है, लेकिन पर्यटन सीजन (अक्टूबर से मार्च) में लाखों सैलानी यहां पहुंचते हैं। इससे कचरा प्रबंधन, सड़कों के रखरखाव, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। अतिरिक्त संसाधन जुटाने और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए नगर परिषद ने यात्री कर लागू करने का फैसला किया है।

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