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    September 11, 2025

    ड्रोन से बिजली चोरी पर कड़ी नज़र: अवैध तार और ट्रांसफॉर्मर लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

    अजमेर डिस्कॉम ने बिजली चोरी रोकने के लिए 14 जिलों में पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है। ड्रोन से चोरी की जगहों को चिह्नित कर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस नए प्लान के जरिए बिजली चोरी पर कड़ा नियंत्रण स्थापित किया जाएगा।

    अजमेर डिस्कॉम के क्षेत्र में अजमेर, नागौर, चित्तौड़गढ़, सीकर, उदयपुर, झुंझुनूं, भीलवाड़ा, राजसमंद, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, ब्यावर, डीडवाना-कुचामन सिटी और नीम का थाना शामिल हैं। डिस्कॉम के अधीन लगभग 61 लाख उपभोक्ता आते हैं।

    वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिजली छीजत (लॉस) 7.56% रही, जबकि अप्रैल से अगस्त तक यह प्रतिशत बढ़कर 9.98% हो गया है।

    डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक K.P वर्मा ने बताया कि अब विजिलेंस टीम बिना भ्रमित हुए पिन-पॉइंट जगहों पर कार्रवाई करेगी। बिलिंग सिस्टम की मदद से उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां चोरी अधिक हो रही है, और वहां स्थानीय पुलिस की सहायता से सख्त कदम उठाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर ड्रोन का उपयोग भी किया जाएगा।

    बिजली चोरी के प्रमुख तरीके:

    लाइन से सीधे वायर जोड़ना: मुख्यतः लाइन से सीधे तार जोड़कर, मीटर से पहले कट लगाकर या मीटर में छेड़छाड़ कर चोरी की जाती है।

    रिमोट से चोरी: रिमोट डिवाइस के जरिए मीटर की सप्लाई ऑन-ऑफ की जाती है, जिससे बिजली चोरी होती है।

    अवैध ट्रांसफॉर्मर लगाना: खासकर नागौर जिले में 11 केवी लाइन से सीधे तार जोड़कर अवैध ट्रांसफॉर्मर लगाकर चोरी के मामले सामने आए हैं।

    पिछले 5 महीनों में डिस्कॉम ने 9,376 स्थानों की जांच की, जिनमें से 7,064 जगह बिजली चोरी पकड़ी गई। इस दौरान 30 करोड़ 20 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।

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