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    October 09, 2025

    ब्रह्माकुमारीज़ महासचिव राजयोगी बृजमोहन भाई का 90 वर्ष की आयु में निधन

    ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के महासचिव राजयोगी बृजमोहन भाई का गुरुवार सुबह 10:25 बजे दिल्ली-मानेसर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार 12 अक्टूबर को आबूरोड मुक्तिधाम में किया जाएगा।

    राजयोगी बृजमोहन भाई पिछले एक वर्ष से बीमार थे। उनका इलाज पहले माउंट आबू स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल और फिर अहमदाबाद में हुआ। उनकी पार्थिव देह को 9 और 10 अक्टूबर को गुरुग्राम स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में दर्शन के लिए रखा जाएगा।

    जीवन और सेवा

    • राजयोगी बृजमोहन भाई ने 1953 में दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य (ऑनर्स) और 1955 में कानून (एलएलबी) की डिग्री प्राप्त की।
    • 1956 से वह चार्टर्ड एकाउंटेंट के रूप में मान्यता प्राप्त थे।
    • 1955 में ब्रह्माकुमारीज़ से जुड़ने के बाद उन्होंने जीवन को समाज कल्याण और विश्व सेवा के लिए समर्पित किया।
    • उन्होंने फर्टिलाइज़र कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में वित्त प्रबंधक पद से इस्तीफा देकर 1973 में पूर्ण रूप से ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान से जुड़ गए।
    • संस्थान में उन्होंने अकाउंट विभाग प्रमुख, राजयोग शिक्षा एवं अनुसंधान फाउंडेशन के सचिव और एपेक्स कमेटी सदस्य के रूप में सेवाएँ दीं।

    विश्वभर में आध्यात्मिक योगदान

    राजयोगी बृजमोहन भाई ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित विश्वभर के सम्मेलनों में भाग लिया और मुख्य वक्ता के रूप में आध्यात्मिक ज्ञान साझा किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र न्यूयॉर्क, रूस, अमेरिका, कनाडा, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, केन्या और दक्षिण-पूर्व एशिया सहित कई देशों में भारत और भारतीय संस्कृति का संदेश फैलाया।

    गीता ज्ञान और शिक्षा में रुचि

    बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई और श्रीमद् भागवत गीता में गहरी रुचि रखने वाले राजयोगी बृजमोहन भाई ने गीता ज्ञान को अपने अधिकांश कार्यक्रमों का केंद्र बनाया। उनका मानना था कि गीता का ज्ञान आध्यात्मिक जागृति और जीवन की समझ में मार्गदर्शन करता है।

    महत्वपूर्ण उपलब्धियां

    राजयोगी निर्वैर भाई के निधन के बाद महासचिव बने।

    संस्थान द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में ब्रह्माकुमारीज़ का प्रतिनिधित्व किया।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से सम्मानित किया।

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