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    February 02, 2026

    अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रुकवाने पहुंचे थे विधायक बैरवा, तहसीलदार से हुई तीखी बहस

    दौसा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस विधायक और तहसीलदार आमने-सामने आ गए। मौके पर काफी देर तक दोनों के बीच तीखी बहस हुई। विधायक दीनदयाल बैरवा कार्रवाई रुकवाने पहुंचे थे, जबकि तहसीलदार गजानंद मीणा ने स्पष्ट कहा कि जमीन सरकारी है और अतिक्रमण हटाया जाएगा।

    मामला दौसा के जयपुर-दौसा हाईवे पर ट्रक यूनियन कार्यालय के सामने स्थित रानी की बीड भूमि से जुड़ा है। राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करीब 12 बीघा इस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे होने की शिकायत पर सोमवार दोपहर करीब 2 बजे तहसीलदार भारी पुलिस जाब्ते के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे।

    कार्रवाई के दौरान विधायक दीनदयाल बैरवा मौके पर पहुंचे और तहसीलदार से तोड़फोड़ के आदेश दिखाने की मांग की। इस पर तहसीलदार ने कहा, “जमीन सरकारी है, मुझे किसी आदेश की जरूरत नहीं। सरकारी जमीन का मालिक मैं खुद हूं।” इस बयान पर विधायक नाराज हो गए और गरीबों के मकान तोड़ने का आरोप लगाया।

    बहस के दौरान विधायक ने जेसीबी रोकने की मांग की, लेकिन तहसीलदार ने कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दे दिए। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

    तहसीलदार गजानंद मीणा ने बताया कि रानी की बीड भूमि पर भू-माफियाओं ने अवैध रूप से कॉलोनी काट रखी थी। अतिक्रमण हटाने के दौरान कई पक्के निर्माण ध्वस्त किए गए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की ओर से कोई विरोध नहीं था, केवल विधायक ने आपत्ति जताई।

    वहीं विधायक दीनदयाल बैरवा ने आरोप लगाया कि कई लोगों के पास पट्टे हैं और कुछ मामलों में कोर्ट में केस लंबित हैं। उन्होंने तहसीलदार पर निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ अशोभनीय व्यवहार और जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया। विधायक ने इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर से भी शिकायत की है।

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